सीआईसी ने इंडियन ऑयल के इनकार के फैसले को सही ठहराया
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) द्वारा ईंधन गुणवत्ता जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने से इनकार को उचित ठहराया है। आयोग ने कहा कि जानकारी अलग-अलग राज्य इकाइयों में है और इसे एकत्रित करने से संसाधनों पर बोझ पड़ेगा।

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत पिछले 10 वर्षों में देशभर में ईंधन गुणवत्ता जांच और धोखाधड़ी से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के इनकार के फैसले को उचित ठहराया है। आयोग ने यह फैसला तब दिया, जब आवेदक ने दलील दी कि यह जानकारी जनहित से जुड़ी है। आवेदक रॉबिन जाकियस ने कहा कि उपभोक्ता पहले ही ईंधन की ऊंची कीमतों का बोझ उठा रहे हैं और डिजिटल युग में इस तरह की जानकारी कंपनी के मुख्यालय में केंद्रीकृत रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। सीआईसी ने आईओसीएल की इस दलील को स्वीकार किया कि मांगी गई जानकारी उसकी 16 राज्य इकाइयों और 73 मंडलीय कार्यालयों में अलग-अलग उपलब्ध है।
इसे एकत्र करने में विभाग के संसाधनों पर अत्यधिक बोझ पड़ेगा। इसलिए सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 7(9) के तहत यह सूचना देने से इनकार किया गया।


