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सैन्य वार्ता में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा चीन, LAC पर ‌एक साल के बाद भी पूर्व की स्थिति बहाल नहीं हो पाई

मदन जैड़ा, हिन्दुस्तान,नई दिल्ली।Published By: Himanshu Jha
Mon, 14 Jun 2021 09:28 PM
सैन्य वार्ता में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा चीन, LAC पर ‌एक साल के बाद भी पूर्व की स्थिति बहाल नहीं हो पाई

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर एक साल के बाद भी पूर्व की स्थिति बहाल नहीं हो पाई है। पैंगोंग लेक इलाके से सेनाओं के पीछे हटने के बावजूद कई स्थानों पर सेनाएं अभी भी आमने-सामने हैं। वहीं,11 दौर की वार्ताओं में भी कोई समाधान नहीं निकल पाया है। इधर, चीन की तरफ से और नए दौर की वार्ता में दिचलस्पी नहीं दिखाई जा रही है। इसे लेकर भारतीय पक्ष आश्चर्यचकित और चिंतित है।

सूत्रों के अनुसार, 12वें दौर की सैन्य कमांडर वार्ता के लिए पिछले दो महीनों में भारत की तरफ से कई बार अनुरोध किया जा चुका है। पिछली वार्ता नौ अप्रैल को हुई थी। लेकिन अब चीन की तरफ से इसके लिए तारीख तय नहीं की जा रही है। जबकि फरवरी मध्यम में जब दोनों देशों की सेनाएं पैंगोंग इलाके से पीछे हटी थीं तो यह तय हुआ था कि शेष स्थानों पर सामान्य स्थिति बहाली को लेकर अगली बैठकों में निर्णय किए जाएंगे। उसके बाद दो बैठकें हुई हैं, लेकिन उनमें कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।

सूत्रों के अनुसार, पैंगोंग इलाके में सेनाएं हट चुकी हैं। लेकिन डेप्सांग, हाट स्प्रिंग, गोगरा क्षेत्र में चीनी सेना की मौजूदगी उन स्थानों पर है जहां नहीं होनी चाहिए। जबकि भारत का रुख यह रहा है कि इन सभी स्थानों पर मई 2020 से पहले की स्थिति बहाली हो। मई से पूर्व की स्थिति बहाली नहीं होने के कारण इस इलाके में संयुक्त पेट्रोलिंग भी नहीं हो पा रही है। पूर्व की सहमति के अनुसार इस पर भी बैठक में निर्णय होना है। लेकिन बैठकें नहीं हो रही हैं।

दरअसल, पेट्रोलिंग होना इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि जहां-जहा तक भारत पेट्रोलिंग करता है, वहां तक उसकी सीमा की दावेदारी बनती है। क्योंकि जब भी सीमा को लेकर निर्णय होगा, पेट्रोलिंग का दावा अहम माना जा जाएगा। इसलिए की कोशिश यह है कि एलएसी पर मई से पूर्व की स्थिति बहाली में देरी नहीं हो। इस मामले में चिंताजनक तथ्य यह भी हैं कि हाल में ऐसी खबरें आई हैं कि चीन एलएसी के करीबी क्षेत्रों में अपनी तैनाती बढ़ा रहा है तथा वहां कई सुरक्षा उपायों में तेजी गई है। हालांकि भारत की तरफ से भी पूरी तैयारियां हैं लेकिन यह स्थिति बता रही है कि गतिरोध लंबा खिंच सकता है।

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