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14 दिसंबर, 2020|6:38|IST

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भारत की आंख में फिर धूल झोंकने की फिराक में चीन? सेना हटाने की बजाय बॉर्डर पर अपनी ताकत बढ़ा रहा ड्रैगन

pla at lac

भारत-चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर फिलहाल गतिरोध खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। चीन एकबार फिर भारत के आंखों में धूल झोंकने की फिराक में है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के पोस्टों को बेहतर बनाने, सैनिकों का स्थानांतरण और पिछले 30 दिनों में अक्साई चिन के कब्जे में संघर्ष वाले जगहों पर तेजी से सड़क के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना- ये सभी स्पष्ट रूप से इंगित करते हैं कि चीन एलएसी के 3,488 किमी लाइन पर लंबे गतिरोध के लिए खुद को तैयार कर रही है। दोनों देशों के बीच स्थिति को सामन्य करने के लिए जारी बातचीत के बावजूद चीन लगातार इस तरह की हरकतें कर रहा है। आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच नौवें दौर की बातचीत जल्द ही होने वाली है।

वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के अनुसार, PLA काराकोरम दर्रा से 30 किमी पूर्व समर लुंगपा में 10 से अधिक डगआउट का निर्माण कर रहा है। दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) से 70 किमी पूर्व में क़िज़िल जिल्गा में सेना की तैनाती बढ़ा रहा है।

भारत और चीन के बीच LAC पर इन जगहों पर गतिरोध है। जैसा कि 17 जून, 2002 को नक्शों के असफल आदान-प्रदान के दौरान भी यह गतिरोध देखने को मिला था। यह अंतर समर लुंगपा में 176 वर्ग किमी और माउंट साजुम में 129 वर्ग किमी के रूप में महत्वपूर्ण है। Qizil Jilga एक प्रमुख PLA चौकी है। हालांकि साउथ ब्लॉक यानी भारत के रक्षा मंत्रालय का एक वर्ग मानता है कि पीएलए जल्द ही गतिरोध को खत्म करना चाहता है।

शेंडोंग से स्पंगगुर गैप तक, चुशुल के दक्षिण में सिर्फ 60 से अधिक भारी उपकरण परिवहन वाहनों की आवाजाही देखी गई है। साथ ही लद्दाख में एलएसी के साथ चीनियों द्वारा निगरानी उपकरण लगाए जा रहे हैं। चीनी टैंक ट्रांसपोर्टर्स को भी LAC से 60 किमी पूर्व गोबक पर देखा गया है, जो दर्शाता है कि पीएलए ने अपने गार्ड को कम नहीं होने दिया है। डेमचोक के उत्तर-पूर्व में रुडोग, मापोथेंग, सुमक्सी और चांग ला के पश्चिम में अक्साई चिन में सैनिकों की वापसी हुई है।

सड़कें और बुनियादी ढांचा
भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाकारों के अनुसार, चीनी सेना डेपसांग बुल क्षेत्र और डीबीओ क्षेत्र पर ध्यान देने के साथ एलएसी पर तेजी से तैनाती के लिए रणनीतिक सड़क निर्माण का कार्य कर रही है। यह समझा जाता है कि पीएलए डीबीओ पद पर तेजी से तैनाती के लिए काराकोरम दर्रा से चिप चाप घाटी के उत्तर में एक सड़क का निर्माण कर रहा है। LAC से मात्र 8 किमी दूर, देपसांग बुल्गे के पास, चुटी चांग ला के पास सड़क निर्माण भी चल रहा है।

पीएलए द्वारा प्रारंभिक 2013 के बदलावों के बाद से दोनों सेनाओं के बीच डेपसांग बुल में तनाव रहा है। जबकि पीएलए के बारे में ऐसी खबरें हैं कि फिंगर 4 की वर्तमान स्थिति से पैंगोंग त्सो के उत्तरी किनारे पर फिंगर 8 पर वापस जाने का निर्णय लिया गया है। यह वास्तव में फिंगर 6 से एक सड़क को चौड़ा करने के लिए एक अभ्यास करने का उपक्रम है।

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  • Web Title:China is fortifying defences across Ladakh border not prepping to disengage