अनुराग, अमितेश को अंतरराष्ट्रीय हिंदी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार
किलकारी बाल भवन के दो बाल लेखकों अनुराग कुमार और अमितेश राज ने अंतरराष्ट्रीय हिंदी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्हें 160 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार मिला है। प्रतियोगिता का विषय मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'पूस की रात' पर चर्चा करना था। दोनों ने वीडियो बनाकर भाग लिया और विश्व स्तर पर सराहे गए।

किलकारी बाल भवन के दो बाल लेखकों ने हिंदी साहित्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। बाल भवन के अनुराग कुमार और अमितेश राज ने अंतरराष्ट्रीय हिंदी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। विश्व हिंदी सचिवालय (भारत और मॉरीशस की द्विपक्षीय संस्था) द्वारा हिंदी दिवस पर इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। पुरस्कार के रूप में दोनों बाल लेखकों को 160 अमेरिकी डॉलर दिए गए हैं। प्रतियोगिता का विषय मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित किसी एक कहानी की मूल शिक्षा पर दो मित्रों के बीच बातचीत रखा गया था। दोनों बाल लेखकों ने प्रेमचंद की कहानी ‘पूस की रात’ पर बातचीत करते हुए वीडियो तैयार किया और प्रतियोगिता में भागीदारी दर्ज कराई। उनके इस वीडियो को विश्व स्तर पर सराहा गया。
अनुराग कुमार का परिचय
राममोहन राय सेमिनरी स्कूल में कक्षा आठ के छात्र अनुराग कुमार के पिता ऑटो चालक हैं। अनुराग कुमार ने बताया कि उन्हें लघुकथा लेखन में विशेष रुचि है। पिता को जब उनकी इस रुचि के बारे में जानकारी मिली तो वे ऑटो चला कमाए पैसे से अनुराग के लिए किताबें खरीदते और उसे लेखन के प्रति प्रोत्साहित करते थे। कई बार कर्ज लेकर भी अनुराग ने लघुकथाएं प्रकाशित कराईं। अमितेश राज को कविता लेखन में विशेष रुचि है। संत जोसेफ प्री स्कूल में कक्षा नौ के छात्र अमितेश की कई कविताएं प्रकाशित हो चुकी हैं। प्रशिक्षक वीरेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि दोनों बाल लेखकों ने किलकारी बाल भवन में आकर साहित्य लेखन की बारीकियां सीखी हैं।


