चित्रकूट में आई बाढ़ की हर पल की प्रशासन से लेते रहे जानकारी
बलिया में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने के दौरान मिली थी सूचना त्रासदी का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि वह यहां की हर पल की जानकारी ले

चित्रकूट, संवाददाता। धर्मनगरी चित्रकूट में बाढ़ से हुई भीषण त्रासदी का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि वह यहां की हर पल की जानकारी लेते रहे है। जिस दिन यहां अचानक मंदाकिनी में अत्यधिक पानी आया था, उस दौरान वह बलिया में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे पर थे। जानकारी मिलते ही तत्काल डीजी पीएसी को टीमें भेजने के निर्देश दिए और तत्काल एसडीआरएफ, एनडीआरएफ व पीएसी फ्लड की टीमें भेजी गई।
बचाव कार्य की गतिविधियाँ
उन्होंने कहा कि चित्रकूट में उस समय सिर्फ एक ही टीम उपलब्ध थी। लेकिन अगले तीन घंटे के भीतर आठ टीमें पहुंच गई। टीमों ने आनन-फानन बचाव और राहत कार्यों में मोर्चा संभाला। टीमें युद्धस्तर पर राहत कार्यों को आगे बढ़ाने में लगी रही। सीएम ने कहा कि बलिया से लौटकर उन्होंने शाम सात बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों से चित्रकूट के हालातों की समीक्षा की। जो लोग अपने घरों में फंसे हुए थे, उनको सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए। काफी लोग बाढ़ से घिरे इलाकों में छतों पर थे। कुछ लोग घरों से निकलना नहीं चाहते थे। उन सभी को सुरक्षित निकालने के लिए निर्देशित किया।
बारिश की तीव्रता
10 वर्ष में सर्वाधिक एक दिन में 660 मिमी हुई बारिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मंदाकिनी में बड़े पैमाने पर पानी आया है। पिछले 10 वर्ष की तुलना की जाए तो 307 मिमी सर्वाधिक बारिश हुई थी। लेकिन इस बार एक ही दिन में 660 मिमी बारिश होने से मंदाकिनी उफान पर आई। मप्र से मंदाकिनी में भारी मात्रा में पानी आने से मंदाकिनी में अत्यधिक बाढ़ की स्थिति बनी। चार-चार मंजिल तक नदी का पानी पहुंच गया। वह खुद मौके पर जाकर नुकसान देखकर आए है।


