छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लॉन्च हुआ ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’, 25 अगस्त से शिविर
अरवल, निज प्रतिनिधि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को राज्य के विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं के पारदर्शी, त्वरित व प्रभावी निस्तारण हेतु ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ का वर्चुअली शुभारंभ किया।

अरवल, निज प्रतिनिधि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को राज्य के विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं के पारदर्शी, त्वरित व प्रभावी निस्तारण हेतु ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ का वर्चुअली शुभारंभ किया। अरवल समाहरणालय स्थित वीसी कक्ष से जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस तथा पुलिस अधीक्षक नवजोत सिमी अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल हुईं।
पोर्टल की विशेषताएँ
इस डिजिटल पहल के माध्यम से सरकारी शैक्षणिक संस्थानों व छात्रावासों के वास्तविक (बोनाफाइड) छात्र-छात्राएं अपनी समस्याओं को दर्ज करा सकेंगे। विद्यार्थी नियमित कक्षाओं के संचालन, शिक्षकों की उपस्थिति, परीक्षा व परीक्षाफल, अवैध शुल्क वसूली, पेयजल, बिजली, शौचालय, साफ-सफाई तथा प्रयोगशाला जैसी संस्थागत शिकायतों के साथ-साथ शिक्षा सुधार हेतु अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी सीधे ऑनलाइन साझा कर सकते हैं।
शिकायत निस्तारण प्रक्रिया
शिकायतों के निस्तारण के लिए तीन स्तर के प्राधिकार गठित किए गए हैं, जो अधिकतम 30 दिनों के भीतर मामलों का अंतिम निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। वहीं, स्थानीय स्तर पर समस्याओं की त्वरित सुनवाई के लिए प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को शैक्षणिक संस्थानों में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। प्रथम शिविर का आयोजन 25 अगस्त को किया जाएगा, जहाँ छात्रों की सहायता के लिए इंटरनेट, कंप्यूटर व प्रिंटर युक्त कियोस्क उपलब्ध रहेंगे।
प्रशिक्षण और निगरानी
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मियों को पोर्टल संचालन हेतु प्रशिक्षित करने और शिविरों के नियमित अनुश्रवण के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के लक्ष्य को साकार करने तथा शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाने के लिए प्राप्त आवेदनों का निष्पादन समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।


