सुपौल : जिले के सभी प्रखंडों में एक-एक आदर्श विद्यालय का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के 551 सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालयों का उद्घाटन किया। सुपौल जिले में सभी प्रखंडों में एक-एक विद्यालय का शुभारंभ किया गया। इसका उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराना है।

सुपौल, कार्यालय संवाददाता। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी शिक्षा योजना के तहत मुख्यमंत्री ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के 551 सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालयों का एक साथ उद्घाटन किया। इसी क्रम में सुपौल जिले के सभी प्रखंडों में एक-एक सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय का शुभारंभ किया गया।
विद्यालय उद्घाटन कार्यक्रम
इस अवसर पर जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंडों में आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित रहे तथा मुख्यमंत्री के उद्घाटन कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा। जिला मुख्यालय स्थित सुपौल उच्च माध्यमिक विद्यालय को सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के रूप में विकसित किया गया है। यहां आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में डीएम सावन कुमार सहित जिले के कई वरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। विद्यालय सभागार में मुख्यमंत्री के संबोधन एवं उद्घाटन कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया।
सरस्वती विद्या निकेतन योजना का उद्देश्य
जिला मुख्यालय स्थित सुपौल उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डीएम सावन कुमार, उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह, एसएसए के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मणिभूषण कुमार, नगर परिषद सुपौल के चेयरमैन राघवेंद्र झा, जदयू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, जनप्रतिनिधि युगल किशोर अग्रवाल एवं हरेकांत झा सहित विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, अभिभावक तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि सरस्वती विद्या निकेतन योजना का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराना है। आदर्श विद्यालयों में आधारभूत संरचना के विकास के साथ-साथ शिक्षण व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके।


