60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज में मुफ्त सफर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन समारोह में महिलाओं को मुफ्त सरकारी बस यात्रा, 10 पिंक ई-बसों का परिचालन, और स्वरोजगार योजना के तहत ऋण सीमा बढ़ाने की घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए लगातार काम कर रही है।

खटीमा, संवाददाता। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने सरकारी रोडवेज बसों में 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की। अभी तक 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को यह रियायत मिलती थी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत 10 पिंक ई-बसें संचालित करने और महिला स्वरोजगार योजना के तहत दिए जाने वाले ऋण की सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते की मिठास का पर्व नहीं, बल्कि समाज के प्रति कर्तव्य, जिम्मेदारी और मातृशक्ति के सम्मान का संदेश भी देता है। सरकार महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता प्रदान करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए जन-धन, मुद्रा, उज्ज्वला और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाएं संचालित की हैं। महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय भी नारी सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी महिलाओं और बेटियों के लिए कई योजनाएं चला रही है। नंदा गौरा योजना के तहत बेटी के जन्म पर 11 हजार और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना, 181 महिला हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण तथा समान नागरिक संहिता लागू करने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड महिला सशक्तीकरण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाला और नेतृत्व करने वाला बनाना है। स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण देने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के माध्यम से महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। देहरादून में प्रदेश के सभी 13 जिलों के उत्पादों की बिक्री के लिए 13 केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में तीन लाख नौ हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने महिलाओं से लखपति दीदी से आगे बढ़कर करोड़पति बनने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया और कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक प्रदेश की प्रत्येक बहन सम्मानित, सशक्त और आत्मनिर्भर नहीं हो जाती, तब तक सरकार इसी दिशा में कार्य करती रहेगी। कार्यक्रम में दर्जाधारी मोहिनी पोखरिया, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, तुलसी राणा, शोभा राणा, कुलविंदर कौर, पूनम, ममता चुफाल, माया जोशी, भागीरथी खोलिया, अंजना अडो, रेखा राणा, गीता, लक्ष्मी, चंद्रकला रौतेला, विमला, सरोज कुशवाह, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जाधारी गंभीर सिंह धामी, रंदीप पोखरिया, डीएम नितिन सिंह भदौरिया और एसएसपी अजय गणपति समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


