ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News देशथोड़ा एंटरटेनमेंट भी जरूरी है, CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने चंडीगढ़ मेयर केस में क्यों की ऐसी टिप्पणी?

थोड़ा एंटरटेनमेंट भी जरूरी है, CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने चंडीगढ़ मेयर केस में क्यों की ऐसी टिप्पणी?

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में गड़बड़ी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है। केस की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने काफी दिलचस्प टिप्पणियां भी कीं। सीजेआई की ऐसी ही एक टिप्पणी वीडियो पर आई।

थोड़ा एंटरटेनमेंट भी जरूरी है, CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने चंडीगढ़ मेयर केस में क्यों की ऐसी टिप्पणी?
Deepakलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 20 Feb 2024 05:18 PM
ऐप पर पढ़ें

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में गड़बड़ी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है। केस की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने काफी दिलचस्प टिप्पणियां भी कीं। सीजेआई की ऐसी ही एक टिप्पणी उस वक्त आई, जब चुनाव अधिकारी अनिल मसीह का बैलट पेपर वाला वीडियो प्ले किया जा रहा था। गौरतलब है सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कुलदीप कुमार को विजयी घोषित कर दिया। अपने इस ऐतिहासिक फैसले के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहाकि अपराध हुआ था।

चंडीगढ़ मेयर चुनाव की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही थी। इस दौरान गरमागरम बहस भी हो रही थी। सुनवाई के दौरान वह वीडियो भी प्ले किया गया, जिसमें चुनाव अधिकारी बैलट पेपर की जांच कर रहे हैं। जब यह वीडियो प्ले किया जाने लगा तो चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहाकि सभी को यह वीडियो देखना चाहिए। थोड़ा सा एंटरटेनमेंट सभी के लिए जरूरी है। सीजेआई ने यह भी कहाकि पूरा वीडियो फिर से चलाने की जरूरत नहीं है। याचिकाकर्ता ने पहले ही वीडियो के उस हिस्से को स्पष्ट किया है, जिसका केस से ताल्लुक है। चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने हंसते हुए कहाकि पूरा वीडियो चलाया गया तो हमें 5.45 बजे तक यहीं रुकना पड़ेगा। 

इससे पहले चीफ जस्टिस ने चुनाव अधिकारी अनिल मसीह की जमकर खिंचाई की। अनिल मसीह बैलट पेपर पर निशान बनाते हुए कैमरे में कैद हुए थे। अनिल मसीह ने आप उम्मीदवार के समर्थन वाले आठ बैलट्स को अवैध घोषित कर दिया था। इसके चलते कम वोट होने के बावजूद भाजपा के मेयर उम्मीदवार को विजयी घोषित कर दिया गया था। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की है कि चंडीगढ़ महापौर चुनाव में स्पष्ट है कि पीठासीन अधिकारी ने जानबूझकर आठ मतपत्रों को विरूपित करने का प्रयास किया। वहीं, उच्चतम न्यायालय ने कदाचार के लिए निर्वाचन अधिकारी अनिल मसीह के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें