चौठचंद्र पर्व पर भगवान गणेश व चन्द्रमा की आज होगी आराधना
पेज 5::::::::दिन महिलाएं व्रत में रहकर चन्द्रदेव को अर्घ्य देने के लिए खीर, पूड़ी, पकवान बनाती हैं और शाम में बांस के सूप या फिर डालिया में सजाकर चन्द्रदेव को अर्घ्य दिया जाता है। पौराणिक मान्यता के...

बीहट, निज संवाददाता। बिहार खासकर मिथिलांचल के पवित्र पर्वो में से एक चौथचंद्र यानी चौरचन पर्व है जो कि भाद्रपद शुल्क पक्ष चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष चौथ चांद पर्व आज यानी सोमवार को मनाया जाएगा। आज के दिन चन्द्रमा और भगवान गणेश की आराधना की जाती है। पूरे दिन महिलाएं व्रत में रहकर चन्द्रदेव को अर्घ्य देने के लिए खीर, पूड़ी, पकवान बनाती हैं और शाम में बांस के सूप या फिर डालिया में सजाकर चन्द्रदेव को अर्घ्य दिया जाता है।
पौराणिक मान्यता
पौराणिक मान्यता के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन चांद शापित होने की वजह से झूठा कलंक लगता है और झूठा कलंक से बचने के लिए चन्द्रदेव की आराधना की जाती है। गणेश पुराण के अनुसार भगवान श्रीगणेश अपने वाहन मूषक पर सवार होकर कहीं से लौट रहे थे, तभी रास्ते में एक सांप को देखकर मूषक डर गया और गणेशजी संतुलन बिगड़ने से जमीन पर गिर पड़े। यह देख सोलह कलाओं से युक्त चन्द्रदेव श्रीगणेश का उपहास उड़ाते हुए जोर-जोर से हंसने लगे। चन्द्रदेव के इस व्यवहार से आहत होकर श्रीणेश ने उन्हें कांतिहीन होने का शाप दे दिया। शापित चन्द्रमा तेजहीन हो गये और पूरी सृष्टि में अंधकार छा गया।
शाप का समाधान
अपनी भूल का एहसास होने पर चन्द्रदेव ने कठिन तपस्या के जरिये भगवान श्रीगणेश को प्रसन्न किया। गणेश जी ने अपने शाप को संशोधित करते हुए चन्द्रमा के तेज को एक पखवाड़े में घटने (कृष्ण पक्ष) तथा दूसरे पखवाड़े में बढ़ने (शुक्ल पक्ष) बढ़ने का वरदान दिया। साथ ही, भाद्रपद शुल्क पक्ष चतुर्थी के चांद के दर्शन को निषिद्ध कर दिया और आज के दिन चन्द्रदेव के दर्शन से मनुष्य कलंकित होगा। शापित चांद के दोष को दूर करने के लिए ही लोग भगवान श्रीगणेश की विधिवत पूजा अर्चना के उपरांत चन्द्रदेव को अर्घ्य देकर हाथ में फल तथा पकवान लेकर उनका दर्शन करते हैं और ऐसा करन शुभ फलदायी होता है। बीहट के गणेश भवन के आचार्य हेरम्बशरण ने बताया कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने भूल से चौथ के चांद का दर्शन कर लिया था और शापित चन्द्रमा के दर्शन के कारण उनपर स्यमंतक मणि चुराने का झूठा आरोप लगा था।


