कांवड़ यात्रा के चलते फरीदाबाद-हरिद्वार बस सेवा बंद
कांवड़ यात्रा के चलते हरिद्वार और उत्तराखंड जाने वाली रोडवेज बसों के मार्ग में बदलाव हुआ है। इस कारण यात्रियों को सुबह और रात दोनों समय की बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इसके चलते कुछ यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

- रोडवेज बसें सुबह 6 बजे और रात 8:30 बजे चलती थी, हल्द्वानी जाने वाली बस का भी मार्ग बदला बल्लभगढ़ अशोक जैन। सावन माह में कांवड़ यात्रा के चरम पर पहुंचने के साथ ही हरिद्वार और उत्तराखंड की ओर जाने वाले सामान्य यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। हरिद्वार में गंगाजल लेने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में कांवड़िये पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उत्तराखंड में कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था बदली गई है। इसका सीधा असर फरीदाबाद और बल्लभगढ़ से हरिद्वार तथा हल्द्वानी जाने वाली रोडवेज बसों पर पड़ा है.
11 अगस्त तक दो बसों का संचालन बंद
बल्लभगढ़ डिपो के ड्यूटी इंचार्ज जयपाल राठी ने बताया कि बल्लभगढ़ से हरिद्वार के लिए दो नियमित बसें संचालित होती थीं। इनमें एक बस सुबह करीब 5:30 बजे और दूसरी रात करीब 8 बजे बल्लभगढ़ से रवाना होती थी। कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव के कारण दोनों बसों का संचालन फिलहाल 11 अगस्त तक बंद किया गया है.
हल्द्वानी की बस को बदले मार्ग से चलाया जा रहा
कांवड़ यात्रा का असर केवल हरिद्वार जाने वाली बसों तक सीमित नहीं है। फरीदाबाद से हल्द्वानी जाने वाली रोडवेज बस का निर्धारित मार्ग भी बदला गया है। उत्तराखंड में यातायात डायवर्जन के कारण बस को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा रहा है। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार रूट बदलने के कारण बस के आने-जाने में करीब पांच घंटे का अंतर आ रहा है। यानी यात्रियों को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय सफर में बिताना पड़ रहा है.
हल्द्वानी के अलावा उत्तराखंड के अन्य शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी इसका असर झेलना पड़ रहा है। जिन यात्रियों को आगे दूसरी बस या अन्य साधन पकड़ना होता है, उनके लिए यात्रा का समय बढ़ने से परेशानी और बढ़ जाती है.
बस अड्डे पर रूट और समय की जानकारी लेने पहुंच रहे यात्री
रोडवेज बसों के समय और मार्ग में बदलाव के बाद बस अड्डे पर उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों की पूछताछ बढ़ गई है। यात्री यह जानकारी ले रहे हैं कि कौन सी बस किस मार्ग से जाएगी और उसे गंतव्य तक पहुंचने में कितना समय लगेगा। कई यात्रियों को पहले से बनाई गई अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ रहा है.
बल्लभगढ़ निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उन्हें हरिद्वार एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने जाना था। पहले रोडवेज बस से यात्रा करने की योजना थी, लेकिन बस सेवा प्रभावित होने के कारण अब दूसरे साधन की व्यवस्था करनी पड़ रही है। उनके अनुसार सरकारी बस से सफर करना अपेक्षाकृत कम खर्चीला होता है, लेकिन सेवा प्रभावित होने से अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है.
एनआईटी फरीदाबाद निवासी सीमा शर्मा ने बताया कि रोडवेज बस महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों के लिए सुविधाजनक साधन है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव जरूरी है, लेकिन सामान्य यात्रियों के लिए भी पर्याप्त वैकल्पिक परिवहन उपलब्ध होना चाहिए। इससे जरूरी काम से उत्तराखंड जाने वाले लोगों को परेशानी नहीं होगी.
निजी वाहनों पर बढ़ी निर्भरता
रोडवेज बसों के संचालन में बदलाव के बाद उत्तराखंड जाने वाले कुछ यात्रियों को निजी बस, टैक्सी और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। रोडवेज की तुलना में इन साधनों का खर्च अधिक होने के कारण यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। खासकर परिवार के साथ यात्रा करने वालों के लिए यह खर्च काफी बढ़ सकता है.
यात्रा से पहले जानकारी लेना जरूरी
रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बसों के मार्ग में बदलाव किया गया है। यात्रियों को बस अड्डे से रवाना होने से पहले बस के समय और निर्धारित मार्ग की जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है.
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात डायवर्जन के कारण बसों के संचालन में समय-समय पर बदलाव संभव है। इसलिए हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून और हल्द्वानी की ओर जाने वाले यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित बस अड्डे से बस के समय और मार्ग की जानकारी लेनी चाहिए.


