DA Image
29 अक्तूबर, 2020|4:38|IST

अगली स्टोरी

चांद से 10 किमी दूर रह गया था इजराइल, जानें क्या थी नाकामी की वजह

chandrayaan 2 moon landing live updates

भारत के चंद्र मिशन को शनिवार तड़के उस समय झटका लगा, जब लैंडर विक्रम से चंद्रमा के सतह से महज दो किलोमीटर पहले इसरो का संपर्क टूट गया। इसके साथ ही 978 करोड़ रुपये लागत वाले चंद्रयान-2 मिशन का भविष्य अंधेरे में झूल गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के. सिवन ने संपर्क टूटने की घोषणा करते हुए कहा कि चंद्रमा की सतह से 2.1 किमी पहले तक लैंडर का प्रदर्शन योजना के अनुरूप था। क्या आप जानते हैं कि कुछ माह पहले इजराइल ने भी चांद की सतह पर उतरने की कोशिश की थी। लेकिन ये पहला चंद्र अभियान नाकाम हो गया था। तब चंद्रमा की सतह पर उतरते ही उसका अंतरिक्ष यान बेरेशीट क्रैश हो गया। बेरेशीट के इंजन में ख़राबी आ गई थी और लैंड करते सयम रोवर का ब्रेकिंग सिस्टम विफल हो गया। 

यह दुनिया का पहला निजी चंद्र अभियान था। इसे इजराइल की प्राइवेट कंपनी स्पेस आईएल ने अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स के फाल्कन-9 रॉकेट से रवाना किया था। यान ने चार अप्रैल को चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया था।  

बच्चे ने मोदी से पूछा- मैं राष्ट्रपति बनना चाहता हूं, पढ़ें PM का जवाब

बताया जाता है कि इंजन में तकनीकी समस्या आने के बाद इसका ब्रेकिंग सिस्टम नाकाम हो गया था। यह चंद्रमा की सतह से 10 किलोमीटर की दूरी पर था कि पृथ्वी से इसका संपर्क टूट और यह रोवर चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस मिशन पर करीब से नजर रखे हुए थे। उन्होंने वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा था कि इजराइल चांद पर उतरेगा। पहली बार में भले ही नाकाम रहे हों लेकिन दोबारा कोशिश करते रहें। 

चंद्रयान-2 मिशन: जानें, आखिर अंतिम क्षण में ऐसा क्या हो गया? 10 बातें

 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Chandrayaan 2 Israel first moon mission lost moments before landing now India loses contact with lander