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चंडीगढ़ मेयर चुनाव के अधिकारी रहे अनिल मसीह ने अब SC से मांग ली माफी, गड़बड़ी का था आरोप

चंडीगढ़ मेयर चुनाव के अधिकारी रहे अनिल मसीह ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांग ली है। उन पर आरोप था कि मेयर चुनाव के दौरान उन्होंने मतदाताओं की ओर से जमा बैलेट पेपर्स से छेड़छाड़ की थी।

चंडीगढ़ मेयर चुनाव के अधिकारी रहे अनिल मसीह ने अब SC से मांग ली माफी, गड़बड़ी का था आरोप
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Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 05 Apr 2024 04:24 PM
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चंडीगढ़ मेयर चुनाव के अधिकारी रहे अनिल मसीह ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांग ली है। उन पर आरोप था कि मेयर चुनाव के दौरान उन्होंने बैलेट पेपर्स से छेड़छाड़ कर दी और आम आदमी पार्टी के कैंडिडेट को हारा हुआ घोषित कर दिया। उनके इस फैसले को आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद अदालत ने फैसला पलट दिया था। यही नहीं कोर्ट ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने के बाद कहा था कि अनिल मसीह कैमरे की ओर देख रहे थे और कागजों पर कुछ लिख रहे थे, जबकि उनके पास ऐसा कुछ करने का अधिकार नहीं था। इस आधार पर अदालत ने माना था कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है। अब अनिल मसीह ने माफी मांग ली है।

अनिल मसीह की तरफ से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी अदालत में पेश हुए। उन्होंने चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच से कहा कि मसीह माफी मांग रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम माफी मांगते हैं। मैंने उनसे लंबी बात की है। वह एफिडेविट दाखिल करेंगे और माफी मांगेंगे।' अब इस मामले की सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में की जाएगी। अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रहे कुलदीप कुमार को ही मेयर बनाने का फैसला सुनाया था, जिन्हें हारा घोषित किया गया था।

वहीं भाजपा के मनोज सोनकर को मेयर बना दिया गया था। फिर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला पलट दिया था और वापस कुलदीप कुमार ही मेयर बनाए गए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अनिल मसीह ने अपराध किया है। उनके खिलाफ मुकदमा चलना चाहिए। अदालत का कहना था कि गलत तरीके से पूरी चुनावी प्रक्रिया में बाधा डाली, जबकि उन्हें जिम्मेदारी अच्छे से चुनाव कराने की मिली थी। इस मामले में अनिल मसीह को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। बता दें कि अदालत ने मेयर चुनाव के बैलेट पेपर भी देखे थे और उसके बाद ही मेयर चुनाव का फैसला पलटने का आदेश दिया था।