फार्मासिस्टों ने काला फीता बांध विरोध जताया
चम्पावत में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने अपनी मांगों के लिए आंदोलन शुरू किया। फार्मासिस्टों ने काला फीता बांधकर विरोध व्यक्त किया और विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा। उनकी मांगों में सेवाओं में वृद्धि, पदों की बहाली, और दवा देने के अधिकार शामिल हैं। आंदोलन 31 अगस्त से शुरू होकर 15 सितंबर तक चलेगा।

योगेश जोशी, चम्पावत। चम्पावत में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन का मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू हुआ। मांगों को लेकर फार्मासिस्टों ने काला फीता बांध कर विरोध जताया। चम्पावत में मंगलवार से डिप्लोमा फार्मासिस्ट का आंदोलन शुरू हुआ। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन जिलाध्यक्ष विष्णु गिरी गोस्वामी ने बताया कि प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देश पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 31 अगस्त तक विभागीय अधिकारियों, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को पत्र भेजा गया। दूसरे चरण में एक सितंबर से बांह में काला फीता बांध कर विरोध जताने का कार्यक्रम शुरू हुआ। बताया कि 15 सितंबर तक काला फीता बांध कर विरोध जताया।
उन्होंने बताया कि फार्मासिस्ट लंबे समय से दस वर्ष की सेवा में प्रथम एसीपी का लाभ देने, उपकेंद्रों के 391 पदों को बहाल करने, फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 लागू करने,उड़ीसा व असम की तर्ज पर दवा देने का अधिकार देने और चारधाम यात्रा ड्यूटी के देयकों का भुगतान करने की मांग कर रहे हैं। जिला अस्पताल में जिला मंत्री रोशन लाल विश्वकर्मा, तान सिंह और मनोज पुनेठा शामिल रहे।


