चम्पावत में जिले के प्राथमिक शिक्षकों ने प्रदर्शन किया
चम्पावत में प्राथमिक शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता खत्म करने और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने कहा कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर संसद में विध legislative amendment की मांग की।

योगेश, चम्पावत। चम्पावत में जिले भर के प्राथमिक शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने टीईटी अनिवार्यता खत्म करने और पुरानी पेंशन बहाली की मांग की। ऐसा नहीं करने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। बाद में डीएम कार्यालय के जरिए प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। चम्पावत सीईओ कार्यालय में शुक्रवार को उत्तराखंड स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन ने धरना प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष उत्तम सिंह फत्र्याल ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने अगस्त 2010 में अधिसूचना जारी कर शिक्षकों के लिए टीईटी न्यूनतम योग्यता के रूप में अनिवार्य की थी। लेकिन अब वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को भी टीईटी की अनिवार्यता लागू की की गई है।
इससे शिक्षकों की सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति आदि असुरक्षित हो गए हैं। शिक्षको ने वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्ति शिक्षकों की सेवा, वरिष्ठता और पदोन्नती को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों स्थाई राहत देने की मांग की। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में संसद में विधायी संशोधन या विशेष प्रावधान लाकर शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखने की मांग की। धरना प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने कलक्ट्रेट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा।


