नरसंहार और विस्थापन की त्रासदी पर हुई चर्चा
गोला गोकर्णनाथ के सीजीएन पीजी कॉलेज में भारत विभाजन विभीषिका दिवस पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्राचार्य प्रो. पंकज सिंह ने विभाजन की त्रासदियों पर प्रकाश डाला। प्रतियोगिता में रंगोली और कविता पाठ के जरिए छात्रों ने विभाजन की पीड़ा व्यक्त की। विभिन्न टीमों के बीच रंगोली प्रतियोगिता में पुरस्कार भी दिए गए।

गोला गोकर्णनाथ, संवाददाता। सीजीएन पीजी कॉलेज में शुक्रवार को भारत विभाजन विभीषिका दिवस पर गोष्ठी हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पंकज सिंह ने विभाजन विभीषिका दिवस को अखंड भारत संकल्प दिवस के रूप में मनाए जाने का आह्वान किया। प्राचार्य ने भारत विभाजन से उत्पन्न नरसंहार और विस्थापन की त्रासदी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लकीरें खींच दीं कुछ ऐसे दीवाने वकीलों ने कि अपनों में ही सदियों की दूरियां हो गईं। जमीन तो बंट गई दो मुल्कों के दरमियान मगर इंसानों की रूहें लहूलुहान हो गईं। गोष्ठी में डॉ. विकास ने भारत विभाजन की ऐतिहासिक परिस्थितियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
राजनीति शास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ. विश्वनाथ,सहायक आचार्य डॉ. शेषमणि विश्वकर्मा ने संबोधित करता। इस दौरान छात्र शिवांशु एवं उमम ने काव्य पाठ के माध्यम से भारत विभाजन की पीड़ा को अभिव्यक्त किया। छात्र राज जायसवाल, प्रतिज्ञा अवस्थी, कृष्णा शर्मा और शिव शंकर ने भी विभाजन की त्रासदी को साझा किया। महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की ओर से हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत रंगोली प्रतियोगिता भी की गई। प्रतियोगिता में पांच टीमों ने प्रतिभाग किया। निर्णायक मंडल में डॉ. मंजू शुक्ला, डॉ. अशोक कुमार और डॉ. राकेश कुमार अग्रहरि शामिल रहे। रंग संयोजन, स्वच्छता और रचनात्मकता के आधार पर साक्षी दीक्षित की टीम बी ने प्रथम, उमम की टीम ए ने द्वितीय और जज्बी अंसारी की टीम सी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सचिन की टीम ई को कम समय में बेहतर रंग संयोजन के लिए सर्वश्रेष्ठ टीम और शिव शंकर की टीम डी को सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतिकरण के लिए पुरस्कृत किया गया।


