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भीड़ हिंसा पर केंद्र कोई कानून नहीं बनाएगा

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केंद्र सरकार भीड़ हिंसा के खिलाफ केंद्रीय स्तर पर कानून बनाने के पक्ष में नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, गृहमंत्रालय ऐसी किसी सिफारिश पर गौर नहीं कर रहा है। ऐसे मामलों से निपटने के लिए पर्याप्त कानून हैं और राज्यों को इस संबंध में सख्ती से पेश आना चाहिए। .

पिछली सरकार में भीड़ हिंसा पर एक मंत्री समूह का गठन किया गया था। गृहसचिव की अध्यक्षता में भी एक समिति बनाई गई थी। इन समितियों की रिपोर्ट का सरकार ने कोई स्टेटस सार्वजनिक नहीं किया है।

सूत्रों ने कहा, गृहमंत्रालय ने राज्यों को ऐसे मामलों से कड़ाई से निपटने के लिए पहले ही निर्देश दिए हैं। फिलहाल राज्यों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की जा रही है। केंद्र का मानना है कि अगर राज्य सख्ती से पेश आएं तो ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं। उन्हें केंद्र पूरी तरह से सहयोग करने के लिए तैयार है।

कई सुझाव आए थे सामने
सूत्रों ने कहा, पिछली सरकार के दौरान केंद्रीय स्तर पर कानून बनाने और मॉडल कानून बनाकर राज्यों को भेजने का सुझाव आया था लेकिन सरकार के स्तर पर कोई फैसला नहीं हुआ।

'मॉब लिंचिंग' और 'ऑनर किलिंग' के खिलाफ कानून बनाएगी राजस्थान सरकार
राजस्थान सरकार भीड़ द्वारा मारपीट कर हत्या किए जाने (मॉब लिंचिंग) तथा झूठी शान की खातिर हत्या (आनर किलिंग) के खिलाफ कानून बनाएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में यह घोषणा की। वित्त वर्ष 2019-20 के बजट पर हुई बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने इस तरह की घटनाओं पर दुख जताया।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों की तरह राजस्थान में मॉब लिंचिग को रोकने के लिये एक अधिनियम लाया जायेगा। उसी प्रकार आनॅर किलिंग के खिलाफ भी सख्त कानून लाया जायेगा। इससे पहले गहलोत ने इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताई। राज्य में ऑनर किलिंग की एक घटना का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा, ''यह क्या हो रहा है। ऐसे जघन्य अपराधों को रोकने के लिए कानून लाएंगे ताकि ऐसे लोगों को सबक सिखाया जा सके।"

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  • Web Title:Centre Will not make law on Mob Lynching