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देशपिछड़ा वर्ग की सूची बनाने के राज्यों के अधिकार की बहाली के लिए सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने दायर की पुनर्विचार याचिका

उत्कर्ष आनंद हिन्दुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीPublished By: Priyanka
Thu, 13 May 2021 10:19 PM
पिछड़ा वर्ग की सूची बनाने के राज्यों के अधिकार की बहाली के लिए सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने दायर की पुनर्विचार याचिका

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के मराठा आरक्षण पर दिए फैसले के एक हिस्से पर पुनर्विचार करने के लिए याचिका दायर की है। केंद्र ने फैसले के उस हिस्से पर दोबारा विचार की मांग की है जिसमें संविधान के 102वें संशोधन और अनुच्छेद 342A की व्याख्या की गई थी। 

पांच मई को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि 2018 के संविधान संशोधन के बाद राज्य सरकारों को पिछड़े वर्ग की अपनी सूची बनाने का अधिकार नहीं होगा। 3-2 के बहुमत दिए गए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि किसी समुदाय को आरक्षण के दायरे में रखने या हटाने के लिए राज्य सरकारें सिर्फ सिफारिश कर सकती हैं लेकिन पिछड़ा वर्ग की सूची केंद्र की मंजूरी से ही बदली जा सकती है।

अपनी पुनर्विचार याचिका में केंद्र ने कहा है कि राज्यों के पिछड़ा वर्ग की सूची तैयार करने के अधिकार को बहाल किया जाए।समाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि 13 मई यानी आज यह याचिका केंद्र सरकार की ओर से दायर की गई है। 

पांच मई को सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों ने तीन अलग-अलग फैसलों में मराठा आरक्षण को असंवैधानिक ठहराया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मराठा समुदाय को कोटा के लिए सामाजिक, शैक्षणिक रूप से पिछड़ा घोषित नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा था कि यह समानता के अधिकार और आरक्षण की 50 फीसदी सीमा का उल्लंघन करता है।  कोर्ट ने 1992 के उस फैसले की समीक्षा करने से भी इनकार कर दिया था, जिसमें आरक्षण का कोटा 50 प्रतिशत पर रोक दिया गया था।
 

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