Centre govt says to supreme Court- No need for national anthem in theatres - केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- सिनेमाघरों में अनिवार्य ना हो राष्ट्रगान DA Image
14 नबम्बर, 2019|1:57|IST

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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- सिनेमाघरों में अनिवार्य ना हो राष्ट्रगान

People stand up for the national anthem before the start of a movie at a theatre in Indore.(HT Photo

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि राष्ट्रगान को सिनेमाघरों में बजाना अनिवार्य न किया जाए। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की पीठ ने श्यामनारायण चौकसी की पीआईएल पर 30 नवंबर 2016 को दिये एक आदेश में देश के हर सिनेमाघर में फिल्म चालू होने से पहले राष्ट्रगान बजाने का आदेश दिया था। इस दौरान सभी दर्शकों को इसके सम्मान में खड़ा होना लाजिमी किया गया था। इस मामले में सिर्फ विकलांगों को खड़े होने पर छूट दी गई थी। 

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सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को दाखिल शपथ-पत्र में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अवर सचिव दीपक कुमार ने कहा कि कोर्ट से आग्रह किया जाता है कि सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाने के आदेश को निलंबित रखा जाए। सरकार ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय गान को अनिवार्य रूप से बजाने के बारे में दिशा-निर्देशों के लिए गृह मंत्रालय की अध्यक्षता में अंतरमंत्रालयीय समूह का गठन किया गया है जो अपनी रिपोर्ट छह माह में देगा। इस कमेटी का गठन 5 दिसंबर को किया गया था। 

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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर में की गई सुनवाई में केंद्र सरकार से कहा कि वह इस बारे में फैसला करे कि राष्ट्रीय गान कहां बजना चाहिए और कहां नहीं। कोर्ट ने यह बात तब कही थी जब पीठ के ही एक जज जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ ने राष्ट्रीय गान को सिनेमाघरों में बजाने के आदेश के विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि सिनेमाघरों में लोग मनोरंजन के लिये जाते हैं वहां उन्हें अपनी आस्तीन पर राष्ट्रवाद ओढ़कर जाने की जरूरत नहीं है। 

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