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कर्नाटक मामले में केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क

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कर्नाटक के राजनीतिक संकट में कुमारस्वामी सरकार के विश्वासमत पर राज्यपाल व विधानसभा अध्यक्ष के बीच चल रहे टकराव पर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क है। भाजपा नेतृत्व केंद्र से किसी तरह की कार्रवाई के बजाय सदन में ही कुमारस्वामी सरकार का पतन चाहता है। दूसरी तरफ विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा पर विधानसभा अध्यक्ष के राज्यपाल के संदेशों को तवज्जो न देकर विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा जारी रखने से संवैधानिक सवाल उठ रहे हैं।

एक दर्जन से ज्यादा विधायकों के इस्तीफों से सदन में अल्पमत में होने के खतरे से बच रही राज्य की कांग्रेस-जद एस की मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार विधायकों की वापसी और उन्हें व्हिप के दायरे में लाने के लिए पूरा जोर लगा चुकी है।

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भाजपा के एक प्रमुख नेता ने कहा है कि बहुमत जुगाड़ने में असफल होने के बाद कुमारस्वामी सरकार शहीद होने की कोशिश कर रही है। वह इस तरह का संवैधानिक संकट खड़ा कर रही है जिससे केंद्र वहां पर राष्ट्रपति शासन लागू करे। उन्होंने कहा कि मतदान जब भी हो सरकार का सदन में ही गिरना तय है।

हालांकि स्पीकर की भूमिका को लेकर संशय बरकरार है। इस बीच भाजपा इस बात की पूरी तैयारी में हैं कि कुमारस्वामी सरकार का पतन होते ही अपनी सरकार बनाने का दावा कर दिया जाए। 

सियासत
- विधानसभा में ही कुमारस्वामी सरकार गिराएगी भाजपा।
- राज्य के राजनीतिक घटनाक्रम पर भाजपा नेतृत्व रखे है नजर।

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  • Web Title:Centre Eyes on Karnataka Political Crisis