सेंट्रल विस्टा का नाम ‘कर्तव्य भवन क्षेत्र’ हुआ : मनोहर लाल
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास क्षेत्र को 'कर्तव्य भवन कॉम्प्लेक्स' या 'कर्तव्य भवन क्षेत्र' कहने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कई कर्तव्य भवन हैं, जिन्हें अब इसी नाम से जाना जाएगा। मंत्रालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय के तहत 10 इमारतें बनाने की योजना है।

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को कहा कि सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास क्षेत्र को ‘कर्तव्य भवन कॉम्प्लेक्स’ या ‘कर्तव्य भवन क्षेत्र’ कहा जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सेंट्रल विस्टा नाम का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सेंट्रल विस्टा का नाम बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस पेरे इलाके में कई कर्तव्य भवन, कर्तव्य मार्ग हैं। ऐसे में इसे अब कर्तव्य भवन एरिया (क्षेत्र) के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र की पुनर्विकास योजना के तहत मंत्रालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय के तहत 10 इमारतें बनाने की योजना है, जिसमें से तीन पहले ही बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां इन कर्तव्य भवनों को बनाने वालों को याद करेंगे।
राजपथ का नाम परिवर्तन
बता दें कि वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधिकारिक तौर पर राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया था। बाद में, इस रास्ते पर बनी नई सरकारी इमारतों का नाम कर्तव्य भवन रखा गया। इसी तरह, प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के कार्यालय वाले नए कॉम्प्लेक्स का नाम सेवा तीर्थ रखा गया है।
कर्मचारियों के लिए नई स्थानांतरण नीति
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने सीपीडब्ल्यूडी में स्थानांतरण की नई नीति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के लिए उनकी पसंद की जगह पर तैनाती देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के स्थानांतरण के कई अनुरोध मिले हैं, लेकिन कर्मचारियों को सिर्फ अपने बारे में नहीं, सबके भले के बारे में सोचना चाहिए।


