DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जानें सीबीआई से बाहर क्यों हुए आलोक वर्मा, हो सकती है आपराधिक जांच

alok verma photo-ht

1 / 2alok verma photo-ht

Former Central Bureau of Investigation chief Alok Verma on July 30, 2018(PTI Photo)

2 / 2Former Central Bureau of Investigation chief Alok Verma on July 30, 2018(PTI Photo)

PreviousNext

केन्द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) द्वारा उसकी जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोपों के कारण आलोक वर्मा को सीबीआई प्रमुख के पद से हटना पड़ा। जांच एजेंसी के 50 साल से अधिक के इतिहास में यह अपनी तरीके का पहला मामला है।

सीवीसी की जांच रिपोर्ट में खुफिया एजेंसी 'रॉ द्वारा की गई 'टेलीफोन निगरानी का हवाला दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत उच्चशक्ति प्राप्त समिति ने सीवीसी रिपोर्ट पर विचार किया। इस रिपोर्ट में वर्मा पर आठ आरोप लगाए गए। वर्मा को उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को बहाल किया था।

अधिकारियों ने कहा कि वर्मा को हटाने का समिति का फैसला 2:1 के बहुमत से किया गया। कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसका विरोध किया जबकि न्यायमूर्ति ए के सीकरी सरकार के साथ खड़े हुए।

सीवीसी रिपोर्ट में विवादित मांस कारोबारी मोइन कुरैशी के मामले का जिक्र किया गया और दावा किया गया कि इस मामले पर गौर कर रही सीबीआई टीम हैदराबाद के कारोबारी सतीश बाबू सना को इस मामले में आरोपी बनाना चाहती थी लेकिन वर्मा ने मंजूरी नहीं दी।

इस मामले में जांच विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के नेतृत्व में की गई। अस्थाना और वर्मा को 23 अक्टूबर को छुट्टी पर भेजा था। अधिकारियों ने कहा कि सीवीसी रिपोर्ट में बाहरी खुफिया एजेंसी 'रॉ द्वारा फोन पर पकड़ी गई बातचीत का भी जिक्र है।

ये भी पढ़ें: राकेश अस्थाना मामला: सीबीआई अधिकारी ने जांच से खुद को अलग किया

खास बात यह है कि सना, अस्थाना के खिलाफ दर्ज मामले में शिकायतकर्ता है। उसने इस मामले में अपने बिचौलियों को दी गई रिश्वत के बारे में जानकारी दी थी। उसने 'रॉ के दूसरे शीर्ष अधिकारी सामंत गोयल के नाम पर भी जिक्र किया जो बिचौलिये मनोज प्रसाद को बचाने में कथित रूप से शामिल थे।

एक अन्य मामला सीबीआई द्वारा गुड़गांव में भूमि अधिग्रहण के बारे में दर्ज शुरुआती जांच से संबंधित है। सीवीसी ने आरोप लगाया कि इस मामले में वर्मा का नाम सामने आया था। सीवीसी ने इस मामले में विस्तृत जांच की सिफारिश की थी।

सीवीसी ने यह भी आरोप लगाया था कि वर्मा ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री लालू प्रसाद से जुड़े आईआरसीटीसी मामले के एक अधिकारी को बचाने का प्रयास भी किया था। आयेाग ने यह भी आरोप लगाया कि वर्मा सीबीआई में दागी अधिकारियों को लाने की कोशिश कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें: पीएम मोदी की अगुवाई वाली समिति ने आलोक वर्मा को CBI चीफ के पद से हटाया

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Central Vigilance Commission report cites RAW intercepts to slap corruption charge on Alok Verma leading to his ouster