मेडिकल कॉलेज में केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला निर्माण के लिए टीम गठित, निर्माण शुरू
पलामू मेडिकल कॉलेज में केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला निर्माण के लिए टीम गठित की गई है, जिसमें प्रोफेसर डॉ डी रविशंकर को नोडल ऑफिसर बनाया गया है। यह प्रयोगशाला छात्रों को शोध के लिए उन्नत उपकरण मुहैया कराएगी। वायरोलॉजी लैब को अपग्रेड करके इसका निर्माण किया जा रहा है।

मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। पलामू मेडिकल कॉलेज में केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला निर्माण के लिए टीम गठित किया गया है। गठित टीम के नोडल ऑफिसर के रूप में प्रोफेसर डॉ डी रविशंकर ,सदस्य के रूप में डॉ राजेंद्र प्रसाद पैथोलॉजी से ,डॉ शैलेष ट्यूटर माइक्रोबायोलॉजी से एवं देखभाल के लिए राहुल पांडे नामित किए गए है । यह टीम राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के गाइड लाइन के अनुसार कार्य करेगी। प्रोफेसर डॉ डी रविशंकर ने बताया कि किसी भी मेडिकल कॉलेज के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अनुसार केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला होना बेहद अनिवार्य है।
प्रयोगशाला के महत्व
इस प्रयोगशान के निर्माण होने से विद्यार्थियों को शोध के लिए उन्नत उपकरण उपलब्ध कराए जाते है। उन्होंने कहा कि आम तौर पर प्रथम और दूसरे वर्ष के मेडिकल छात्र इसका प्रयोग करते है। अलग अलग विषय से जुड़े सामूहिक बच्चे एक ग्रुप के साथ संयुक्त रूप से भी यहां शोध कर सकते है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में कॉलेज के ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद वायरोलॉजी एंड कोविड 19 डायग्नोस्टिक लैब को ही अपग्रेड करते हुए केंद्रीय शोध प्रयोगशाला में अपग्रेड किया जा रहा है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के गाइड लाइन के अनुसार
अन्य विकास गतिविधियाँ
मेडिकल कॉलेज में डिपार्टमेंटल लैब के अलावा एक केंद्रीय शोध प्रयोगशाला बेहद अनिवार्य है । कॉलेज में पूर्व से ही स्किल लैब निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ है । लेक्चर थिएटर की क्षमता भी बढ़या जा रहा है। राज्य के स्वास्थ्य सचिव के ने कॉलेज विस्तार के लिए उपायुक्त को 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। इसके आलोक में यहां की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए सरकार को भी भेज दिया गया है। साथ ही अनिवार्य शर्तों के साथ नए सत्र के नामांकन के लिए भी कॉलेज को हरी झंडी मिल गई है।
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