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केंद्र सरकार ने पोर्टल के जरिए बनाई 25 करोड़ प्रवासी मजदूरों को भर्ती करने की योजना

सौभद्र चटर्जी,नई दिल्लीPublished By: Nootan Vaindel
Fri, 16 Oct 2020 07:33 AM
केंद्र सरकार ने पोर्टल के जरिए बनाई 25 करोड़ प्रवासी मजदूरों को भर्ती करने की योजना

केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र के प्रवासियों और अन्य श्रमिकों के लिए एक पोर्टल खोलने का प्रस्ताव रखा है। जिसमें आने वाले कुछ सालों में कम से कम 25 करोड़ मजदूरों का नामांकन हो सकेगा और ये पोर्टल उनके सामाजिक कल्याण के लिए काम करेगा। हाल ही में पद संभालने वाले केंद्रीय श्रम सचिव अपूर्व चंद्र ने कहा, ये ऐसा पहला पोर्टल होगा, ये चल रहे कई कार्यक्रमों से भी जुड़ा रहेगा जैसे आयुष्मान भारत या सब्सिडी वाली राशन योजना गरीब कल्याण अन्ना योजना, और श्रमिकों को मोबाइल फोन के माध्यम से सीधे पंजीकृत किया जाएगा।

डेटा जुटा रही है सरकार
सरकार ने भारतीय कार्यबल के प्रवास पर पहला आधिकारिक सर्वेक्षण शुरू करने की योजना बनाई है, जिसमें मौसमी और लंबे समय तक प्रवासीय रहने वाले दोनों शामिल हैं। चंद्रा ने कहा कि पोर्टल और सर्वेक्षण से सरकार को माइग्रेशन पैटर्न को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है और अलग-अलग तरह मजदूरों को डेटा जुटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, कार्यकर्ता आधार कार्ड से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या फिर दूसरे तीरकों से भी इसे पूरा किया जा सकता है।
श्रम मंत्रालय घरेलू श्रमिकों और पेशेवरों पर दो और सर्वेक्षणों की योजना बना रहा है। लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा, अपने घर लौटने के लिए पैदल जाते हुए मजदूरों को देखकर केंद्र सरकार की आलोचना हुई. श्रम मंत्रालय संसद में ये बताने और डेटा पेश करने में भी असफल रहा कि कि कितने श्रमिकों ने अपनी नौकरी खो दी और घर लौटते समय कितने की मृत्यु हो गई।

लॉकडाउन में मजदूरों का हाल

मंत्रालय ने कहा कि 1.4 करोड़ प्रवासी कर्मचारी लॉकडाउन के दौरान घर लौट आए, लेकिन विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि ये डेटा सिर्फ श्रमिक विशेष ट्रेनों से यात्रा करने वाले मजदूरों का था और बस, ट्रक और अन्य साधनों से लौटने की कोशिश करने वाले श्रमिकों को इसमें शामिल नहीं किया गया। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, ओवरलोड ट्रकों में वापस चलने या यात्रा करने की कोशिश के दौरान कई श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों की मृत्यु हो गई। विभिन्न अनुमानों से पता चलता है कि भारत में 40 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक हैं, और श्रम पर संसद की स्थायी समिति ने हाल ही में सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रवासी श्रमिकों की परिभाषा का विस्तार करने का सुझाव दिया है।

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श्रम पैनल के प्रमुख भर्तृहरि महताब ने कहा, “यह अच्छा है कि सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पंजीकृत करने के हमारे सुझाव को स्वीकार कर लिया है। यदि उन्होंने 25 करोड़ श्रमिकों को भर्ती करने के लिए प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित किया है, तो इसका मतलब है कि वे मुख्य रूप से निर्माण क्षेत्र को लक्षित करेंगे क्योंकि अधिकांश असंगठित और प्रवासी श्रमिक उस क्षेत्र के हैं” चंद्रा ने हाल ही में लागू श्रम संहिता का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'निश्चित अवधि के रोजगार में निश्चित वृद्धि होगी। कई उद्योगों ने हमें बताया था कि वे भीड़ के मौसम के दौरान लोगों को रोजगार देने के इच्छुक हैं या वे अपने अवकाश के दौरान छात्रों को अंशकालिक काम में चाहते थे। अब, ये सभी रास्ते खुलेंगे।

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