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अर्धसैन्य बल के जवानों को विमान से ड्यूटी पर भेजने पर विचार

soldiers of Armed Forces

अर्धसैन्य बल के जवानों को देश के अलग-अलग हिस्सों में ड्यूटी पर भेजने के लिए हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। सुरक्षा बलों की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर केंद्र सरकार गंभीरता से मंथन कर रही है। इसके आर्थिक प्रभाव का आकलन करने के बाद रिपोर्ट के आधार पर इस संबंध में फैसला किया जाएगा। सुरक्षा बलों का तर्क है कि हवाई यात्रा के जरिए ड्यृटी का विकल्प उपलब्ध कराने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी। कई बार जवानों को अचानक एक जगह से दूसरी जगह पर ड्यूटी के मकसद से शिफ्ट किया जाता है। लेकिन उनकी आवाजाही में करीब दो दिन लग जाते हैं।

विशेष जहाज से समय की बचत
सुरक्षा बल चाहते हैं कि उन्हें अगर जवानों की टुकड़ी को ड्यूटी के लिए विशेष जहाज दे दिया जाता है तो इससे सुरक्षा बलों के मैनपावर का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह की सुविधा ऐसे इलाकों में ड्यूटी के लिए ही उपलब्ध कराई जा सकती है जहां सड़क मार्ग या रेलवे से पहुंचने में एक से दो दिन का समय लगता है। अर्धसैन्य बल से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि हमें अपने मैनपावर का बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने की जरूरत है। जवानों की सीमित संख्या के अलावा जवानों की छुट्टी आदि जरूरतों को देखते हुए समय के साथ बदलाव की जरूरत है। अगर विशेष रूप से सुरक्षा बल को जहाज उपलब्ध कराया जाता है तो प्रति व्यक्ति खर्च भी दो से ढाई हजार रुपये से ज्यादा नहीं होगा और दो दिन की दूरी महज दो घंटे में पूरी की जा सकती है।

रेल खर्च वहन करता है मंत्रालय
सुरक्षा बल से जुड़े सूत्रों ने कहा कि सभी अर्धसैन्य बलों के लिए अलग एयर विंग बनाने का प्रस्ताव पूरी तरह से अमल में नहीं आ सका है। लेकिन सुरक्षा बलों को सीमित संख्या में विशेष जहाज उपलब्ध कराने से सुरक्षा बलों को काफी मदद मिल सकती है। बीएसएफ के पूर्व एडीजी पी.के. मिश्र ने कहा कि जवानों को रेल से भेजने पर रेल का किराया और जवान का वेतन एक तरह से व्यर्थ जाता है। उन्होंने कहा कि जवानों को रेलवे वारंट दिया जाता है। लेकिन इसका खर्च गृह मंत्रालय को वहन करना पड़ता है।

सीमित जगहों पर शुरू कर सकते हैं सुविधा
पूर्व एडीजी ने कहा, अगर विमान की सुविधा मुहैया कराई जाए जो यह सस्ता साधन भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि सेना के लिए इस तरह की सुविधा कई जगहों पर है। इसलिए सीमा की निगरानी कर रहे अन्य सुरक्षा बलों के लिए भी श्रीनगर, कोलकाता, जम्मू, गुवाहाटी, जैसलमेर और बेंगलुरु के लिए एक विशेष विमान उपलब्ध करा दिया जाए तो पूरे अर्धसैन्य बलों को बड़ी राहत मिल सकती है।

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  • Web Title:Central government are thinking of sending soldiers of Armed Forces on their duty on Flight