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EWS कोटे के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट की टिप्पणी पर SC में केंद्र की अर्जी

भाषा, नई दिल्लीPublished By: Deepak
Sun, 19 Sep 2021 09:51 PM
EWS कोटे के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट की टिप्पणी पर SC में केंद्र की अर्जी

मेडिकल कॉलेजों के ऑल इंडिया कोटा में आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्लूएस) वर्ग के लिए 10 फीसदी कोटा मामले में सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। मद्रास हाई कोर्ट द्वारा इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की अनुमति अनिवार्य बताई गई थी। हाई कोर्ट के इसी फैसले पर केंद्र ने इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

शीर्ष कोर्ट की मंजूरी को बताया था अनिवार्य 
गौरतलब है कि मद्रास हाई कोर्ट ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम की केंद्र सरकार के खिलाफ याचिका को खारिज कर दिया था। 25 अगस्त को दिए फैसले में हाई कोर्ट ने 29 जुलाई को केंद्र सरकार द्वारा ओबीसी क्लास को दिए गए 27 फीसदी आरक्षण को मान्यता दी थी। ओबीसी उम्मीदवारों को यह 27 फीसदी आरक्षण सेंट्रल मेडिकल कॉलेजों में ऑल इंडिया कोटा के तहत मिला है। इस दौरान हाई कोर्ट ने कहा था कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) के लिए वर्टिकल रिजर्वेशन के तहत 10 फीसदी कोटा के लिए सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी को जरूरी होगी।

तीन सितंबर को सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी केंद्र सरकार
सुप्रीम कोर्ट का अप्रूवल मिलने तक ईडब्लूएस के लिए यह आरक्षण अवैध माना जाएगा। मद्रास हाई कोर्ट का यह फैसला आने के बाद केंद्र सरकार ने तीन सितंबर को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अब केंद्र सरकार की याचिका पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और बीवी नागरत्ना की बेंच द्वारा सुनवाई की जाएगी। केंद्र के अतिरिक्त शीर्ष कोर्ट नील ऑरेलिया न्यून्स और यश टेकवानी की नोटिफिकेशन से संबंधित याचिका पर भी सुनवाई करेगा।

यह कहकर खारिज कर दी थी तमिलनाडु की याचिका
इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट ने केंद्र के उस नोटिफिकेशन को मंजूरी दे दी थी, जिसमें केंद्र ने ओबीसी कैंडिडेट्स को 27 फीसदी आरक्षण दिया था। यह आरक्षण केंद्रीय मेडिकल कॉलेज में ऑल इंडिया कोटा के तहत दिया गया है। हालांकि कोर्ट ने तमिलनाडु की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने अधिक आरक्षण की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि ऑल इंडिया कोटा के तहत अंडरग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, डिप्लोमा मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में मिलने वाला आरक्षण सभी राज्यों के लिए समान होना चाहिए। 

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