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Hindi News देशदो दिनों में किसानों को पीएम मोदी का डबल तोहफा, धान समेत 14 फसलों की MSP बढ़ाई

दो दिनों में किसानों को पीएम मोदी का डबल तोहफा, धान समेत 14 फसलों की MSP बढ़ाई

Cabinet approved New MSP: इस फैसले के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 117 रुपये बढ़ाकर 2,300 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है।

दो दिनों में किसानों को पीएम मोदी का डबल तोहफा, धान समेत 14 फसलों की MSP बढ़ाई
Pramod Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 19 Jun 2024 09:40 PM
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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने तीसरा कार्यकाल संभालते ही दो दिनों के अंदर देशभर के किसानों को डबल तोहफा दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मौजूदा फसल सत्र यानी 2024-25 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने को मंजूरी दी है। इस फैसले के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 117 रुपये बढ़ाकर 2,300 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यह  5.35 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी है।

मोदी सरकार-3.0 की दूसरी कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों के बारे में अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में धान, रागी, बाजरा, ज्वार, मक्का और कपास सहित 14 खरीफ फसलों के नए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दी गई है। MSP वृद्धि की घोषणा करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैबिनेट ने कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर 14 खरीफ (ग्रीष्मकालीन) फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्यों को मंजूरी दी है।

बता दें कि धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी सरकार के पास सरप्लस चावल स्टॉक होने के बावजूद की गई है। हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली जैसे राज्यों में चुनावों से पहले इसे अहम माना जा रहा है। वैष्णव ने बताया कि आगामी खरीफ सीजन के लिए 'सामान्य' ग्रेड धान के लिए MSP 117 रुपये बढ़ाकर 2,300 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि 'ए' ग्रेड किस्म के लिए इसे बढ़ाकर 2,320 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।

वैष्णव ने कहा कि सरकार ने 2018 के केंद्रीय बजट में स्पष्ट नीतिगत निर्णय लिया था कि एमएसपी उत्पादन की लागत का कम से कम 1.5 गुना होना चाहिए और इस सिद्धांत का पालन एमएसपी में नवीनतम वृद्धि में किया गया है। उन्होंने कहा कि लागत की गणना सीएसीपी द्वारा वैज्ञानिक रूप से की गई थी। हालांकि उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य निगम के पास वर्तमान में लगभग 53.4 मिलियन टन चावल का रिकॉर्ड भंडार है, जो 1 जुलाई के लिए आवश्यक बफर से चार गुना है और बिना किसी नई खरीद के एक साल के लिए कल्याणकारी योजनाओं के तहत मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

बता दें कि एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने 9.26 करोड़ किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त के तहत 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऑनलाइन हस्तांतरण किया है। (PTI से इनपुट्स के साथ)