पाठकों को झकझोरती हैं प्रेमचंद की कहानियां: प्रो. कमलेश कुमार
आरसीएस कॉलेज में प्रेमचंद की जयंती पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राचार्य प्रो. कमलेश कुमार ने प्रेमचंद की कहानियों के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. विजयमल ने सामाजिक असमानता के मुद्दे को उजागर किया। अन्य डॉक्टरों ने प्रेमचंद के लेखन में मौजूद गहरे संदेशों को छात्रों के बीच साझा किया।

मंझौल, एक संवाददाता। आरसीएस कॉलेज में शुक्रवार को प्रेमचंद की जयंती धूमधाम से मनाई गयी। कार्यक्रम का आयोजन हिंदी विभाग की ओर से किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष और महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.कमलेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि प्रेमचंद की कहानियां सिर्फ मन को शांति ही नहीं प्रदान करती बल्कि बेचैन भी करती हैं। पंच परमेश्वर, ठाकुर का कुआं, सद्गति, कफन आदि कहानियां हमें झकझोरती हैं। डॉ. विजयमल ने प्रेमचंद की कहानियों में व्याप्त सामाजिक असमानता और भेदभाव को उजागर किया। डॉ. विपिन कुमार, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. देवनन्दन प्रसाद, डॉ. राघवेद्र प्रसाद, डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. तरुण भारती ने प्रेमचंद के लेखन में व्याप्त संदेश को छात्र-छात्राओं के बीच रखा।
डॉ. कृष्ण कुमार पासवान ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम का समायोजन काजू, डेजी और कृष्णा ने किया। श्वेता ने धन्यवाद ज्ञापन किया।


