आरपीएस टीचर्स ट्रेनिंग में महाकवि तुलसी स्मृति समारोह
हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
मुजफ्फरपुर में आयोजित महाकवि तुलसी स्मृति समारोह में सेवानिवृत्त प्रो. रवीन्द्र उपाध्याय ने कहा कि 'रामचरितमानस' मध्यकालीन भारत के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संकटों का सामना करने वाला एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। समारोह में अन्य उपस्थित लोगों ने भी तुलसीदास की रचनाओं पर विचार साझा किए।

मुजफ्फरपुर। मध्यकालीन भारत की सामाजिक, राजनीतिक व सांस्कृतिक संकटों के सामने यदि कोई डटकर खड़ा था, तो वे महाकवि तुलसीदास थे और उनके द्वारा रचित महाकाव्य 'रामचरितमानस'। दुनिया का सबसे बड़ा पुरस्कार यदि कोई ग्रंथ ला सकता है तो वह रामचरितमानस है। ये बातें शनिवार को सेवानिवृत्त प्रो. रवीन्द्र उपाध्याय ने आरपीएस टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, झपहां में आयोजित महाकवि तुलसी स्मृति समारोह में कहीं। प्राचार्य डॉ. आफताब आलम, आरपीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के चेयरमैन राकेश कुमार, विवि हिंदी विभाग के प्रो. प्रमोद कुमार ने भी विचार रखे।


