डिजिटल युग में एआई आधारित पुस्तकालयों की बढ़ती भूमिका पर चर्चा
दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय में डॉ. एस. आर. रंगनाथन की 134वीं जयंती पर राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में उनके योगदान और पुस्तकालय विज्ञान के पांच नियमों को याद किया गया। आधुनिक पुस्तकालयों की भूमिका पर चर्चा हुई, जिसमें डिजिटल संसाधनों और एआई की भूमिका पर जोर दिया गया।

भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक एवं पद्मश्री डॉ. एस. आर. रंगनाथन की 134वीं जयंती के उपलक्ष्य में दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के राजर्षि जनक केंद्रीय पुस्तकालय में राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम में डॉ. रंगनाथन के अमूल्य योगदान, उनके दूरदर्शी विचारों तथा पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में उनके द्वारा प्रतिपादित पुस्तकालय विज्ञान के पांच नियमों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग (डीएलआईसी), सीयूएसबी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. एस. आर. रंगनाथन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
उपस्थित अतिथियों ने भारत में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को वर्तमान डिजिटल युग में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।सामाजिक विज्ञान एवं नीति अध्ययन स्कूल, सीयूएसबी के अधिष्ठाता प्रो. अनिल कुमार सिंह झा ने आधुनिक पुस्तकालयों की बदलती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पुस्तकालय केवल पुस्तकों के भौतिक संग्रह तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे प्रौद्योगिकी-सक्षम, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित एवं ज्ञान-केंद्रित शिक्षण संसाधन केंद्रों के रूप में विकसित हो रहे हैं। वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि डॉ. रंगनाथन की दूरदर्शी अवधारणाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। डिजिटल पुस्तकालय, ई-संसाधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऑनलाइन सूचना सेवाएं और डेटा-आधारित ज्ञान प्रणालियां आधुनिक पुस्तकालयों को नई दिशा प्रदान कर रही हैं। इस परिवर्तन के बीच डॉ. रंगनाथन के पुस्तकालय विज्ञान के पांच नियम आज भी पुस्तकालय सेवाओं की मूल भावना और उपयोगकर्ता-केंद्रित दृष्टिकोण का मार्गदर्शन करते हैं। कार्यक्रम में उप-पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. पंकज माथुर, डॉ. मयंक युवराज, उपेंद्र कुमार, मो. अरशद अली, अमजरजीत कुमार सिंह, देवेंद्र कुमार मिश्रा, सुधीर कुमार, आकांक्षा, अंकित, अनीशा मौजूद थीं।


