विबीजी-राम जी योजना में180 ग्राम पंचायतों में रोजगार सृजन शून्य
देवरिया में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने रोजगार सृजन की समीक्षा की। उन्होंने 16 विकास खंडों की 180 ग्राम पंचायतों में शून्य रोजगार पर नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया। ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन तब तक रोका जाएगा जब तक रोजगार सृजन सुनिश्चित नहीं होता।

देवरिया, निज संवाददाता। विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण विबीजी-राम जी योजना की समीक्षा विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने की। इसमे जनपद के 16 विकास खंडों की 180 ग्राम पंचायतों में रोजगार सृजन शून्य होने पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला विकास अधिकारी एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन ग्राम पंचायतों में अभी तक एक भी मानव दिवस का सृजन नहीं हुआ है, वहां तैनात ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सेवक का वेतन तब-तक आहरित न किया जाए, जब तक संबंधित ग्राम पंचायत में रोजगार सृजन सुनिश्चित नहीं हो जाता।
सीडीओ ने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा ग्रामीण क्षेत्रों में इच्छुक श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका को मजबूत करना है। ऐसे में किसी ग्राम पंचायत में रोजगार सृजन का शून्य रहना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र एवं इच्छुक श्रमिकों को तत्काल योजना से जोड़ते हुए अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जाए और मानव दिवस सृजन में तेजी लाई जाए। उपायुक्त विबीजी-आरएमजी को निर्देश दिया कि शून्य रोजगार वाली ग्राम पंचायतों की लगातार निगरानी व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतवार कार्ययोजना बनाकर तत्काल रोजगार सृजन शुरू कराएं और इसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें।


