सीसीपीए ने रैपिडो पर लगाया दस लाख का जुर्माना
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने रैपिडो पर अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए एक बार फिर दस लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई रैपिडो ऐप द्वारा राइडर के साथ अनुचित अनुबंध करने और अतिरिक्त भुगतान के लिए प्रेरित करने के आरोपों के तहत की गई है। सीसीपीए ने पहले भी भ्रामक विज्ञापन पर जुर्माना लगाया था।

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने रैपिडो पर अनुचित व्यापार प्रथाओं, अनुचित अनुबंध और राइडर्स से उनकी राइड की पुष्टि होने से पहले अधिक भुगतान के लिए प्रेरित करने के तरीकों को लेकर दस लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। सीसीपीए इससे पहले भी भ्रामक विज्ञापन को लेकर अगस्त 2025 में भी राइड हेलिंग प्लेटफॉर्म रैपिडो पर दस लाख का जुर्माना लगा चुका है। केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि सीसीपीए की मुख्य आयुक्त निधि खरे ने रेपिडो पर यह कार्रवाई कैब और बाइक एग्रीगेटर प्लेटफॉर्मों की व्यापक जांच के बाद की है। सीसीपीए ने जांच के दौरान पाया कि रैपिडो ऐप पर राइडर की बुकिंग के दौरान जितना अधिक मूल्य, सवारी मिलने की संभावना उतनी अधिक और कैप्टन 60 रुपए स्वीकार नहीं कर रहे हैं, इसमें दस, बीस या तीस रुपए जोड़कर देखे, जैसे संदेश प्रदर्शित होते हैं।
सीसीपीए का मानना है कि यह पुष्टि करने के लिए शर्मिंदा करना है।जांच के दौरान प्राधिकरण ने पाया कि रैपिडो के एल्गोरिदम ने पहले यात्री को किराया बताया, जब यात्री ने उस किराए पर बुकिंग कर ली, तो उसे यह कहकर अतिरिक्त भुगतान को कहा कि कैप्टन मूल्य स्वीकार नहीं कर रहा है। सीसीपीए ने कहा कि इससे यह धारणा बनती है कि जल्दी सवारी अतिरित्त भुगतान पर निर्भर करती है। इसके साथ रंग कोड मूल्य निर्धारण स्लाइडर में भी गहरा पैटर्न पाया गया। जांच के दौरान पता चला कि कीमत बढाने पर हरे रंग में राइड मिलने की अधिक संभावना प्रदर्शित होती है। कीमत कम करने पर लाल या नारंगी रंग की चेतावनी जारी होती है। स्लाइडर में कीमत घटाने की तुलना में बढ़ाने की अधिक गुंजाइश थी। इसके साथ टिप आमतौर पर सेवा प्रदान किए जाने के बाद स्वैच्छिक भुगतान होता है इसे सेवा प्रदान करने की शर्त के साथ नहीं जोड़ सकते हैं। सीसीपीए ने इससे पहले 2025 में भ्रामक विज्ञापन को लेकर दस लाख का जुर्माना लगाया था। सीसीपीए ने ऑटो इन फाइव मिनट ऑन गेट, और गारंटीड ऑटो का दावा गलत पाया था।


