सफाई, पेयजल व शौचालय से तय होगी सीबीएसई स्कूलों की रेटिंग
जिले के सीबीएसई अफलेटेड स्कूलों की रेटिंग अब सफाई, पेयजल की शुद्धता और शौचालय की स्थिति के आधार पर तय होगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्वच्छ व हरित स्कूल अभियान शुरू किया है। इसमें भागीदारी अनिवार्य की गई है और स्कूलों को निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवस्था करनी होगी।

जिले के सीबीएसई अफलेटेड स्कूलों की रेटिंग अब सफाई, पेयजल की शुद्धता और शौचालय की स्थिति के आधार पर तय होगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने संबद्ध स्कूलों में स्वच्छ व हरित स्कूल अभियान शुरू किया है।
अभियान की अनिवार्यता
अभियान में जिले के सभी सीबीएसई स्कूलों की भागीदारी अनिवार्य की गई है। इसके तहत स्कूलों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था करनी होगी। बोर्ड ने स्कूल प्रबंधन को अभियान के लिए पोर्टल पर पंजीयन कराने का निर्देश दिया है।
मानकों और साक्ष्यों का महत्व
साथ ही बेहतर रेटिंग के लिए स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित जरूरी साक्ष्य भी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। इसमें परिसर की साफ-सफाई, पेयजल की गुणवत्ता, शौचालयों की स्थिति समेत स्वच्छता से जुड़े अन्य मानकों को शामिल किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
प्रतिस्पर्धा का विकास
स्कूलों को रेटिंग बेहतर करने के लिए निर्धारित मानकों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। इससे स्कूलों के बीच स्वच्छता और हरित वातावरण विकसित करने को लेकर प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी। इससे पहले ऐसी व्यवस्था सरकारी स्कूलों में की गई थी, पर अब निजी स्कूलों में भी इस व्यवस्था का लागू किया जा रहा है। इससे निजी स्कूलों में सफाई, पेयजल तथा शौचालय पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
(नवादा से शशि भूषण पाठक)


