वसुंधरा ताल से कई आपदाओं का डाटा और फोटो भेजेगा जीएलओएफ सिस्टम
हिन्दुस्तान, रुडकी
रुड़की, सीबीआरआई ने हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियर झीलों के अचानक फटने से आने वाली बाढ़ की जानकारी देने के लिए एक निगरानी प्रणाली तैयार की है। यह प्रणाली चमोली के वसुंधरा ताल में स्थापित की जाएगी और विभिन्न आपदाओं पर डेटा भेजने की क्षमता रखती है। अभी इसका ट्रायल संस्थान परिसर में जारी है।

रुड़की, कार्यालय संवाददाता। हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियर झील के अचानक फटने से आने वाली बाढ़ यानी जीएलओएफ (ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड) की समय रहते जानकारी देने के लिए सीबीआरआई ने स्वदेशी निगरानी प्रणाली तैयार की है। सीबीआरआई के वैज्ञानिक अब इस प्रणाली को चमोली के वसुंधरा ताल में स्थापित करने की तैयारी में जुटे हैं। यह सिस्टम झील से संबंधित विभिन्न आपदाओं और प्राकृतिक बदलावों का डाटा तथा फोटो लगातार निगरानी केंद्र तक भेजने में सक्षम होगा। सीबीआरआई के निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार ने शुक्रवार को बताया कि वैज्ञानिक इस तकनीक को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। अभी संस्थान परिसर में सिस्टम का ट्रायल किया जा रहा है।


