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8 अगस्त, 2020|2:06|IST

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2जी घोटाला : सीबीआई की विशेष अदालत 21 दिसंबर को सुनाएगी फैसला

2g scam

2जी घोटाले में विशेष अदालत मंगलवार को फैसले की तारीख तय कर दी। अदालत इस मामले 21 दिसंबर को अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले में पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री ए राजा, कनिमोझी, यूनिटेक के मालिक संजय चंन्द्रा, के अलावा कई नौकरशाह, फ़िल्म निर्माता करीम मोरानी, कारोबारी सहित लगभग दो दर्जन आरोपी है।
पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने कहा कि मामले में 21 दिसंबर को फैसला सुनाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दर्ज इस मामले के बाद तत्कालीन यूपीए सरकार की बहुत फजीहत हुई थी। कैग ने बताया था कि इस घोटाले से देश को लगभग पौने दो लाख करोड़ का नुकसान हुआ है।

मामले में पूर्व संचार मंत्री ए राजा और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सांसद कनिमोझी सहित कई हाई प्रोफाइल उद्योगपति आरोपी हैं। शिकायतकर्ता भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रह्यण्यम स्वामी ने आज यहां संवाददाताओं को बताया कि अदालत ने मामले की संक्षिप्त सुनवाई के बाद फैसला सुनाया कि वह इस मामले में 21 दिसंबर को सुबह साढ़े दस बजे फैसला सुनायेगी। अदालत ने सभी आरोपियों को 21 दिसंबर को अदालत में मौजूद रहने को कहा है। अदालत तीन मामलों में फैसला सुनायेगी जिसमें दो मामले सीबीआई के हैं और एक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का है।

सीबीआई के पहले मामले में ए राजा और कनिमोझी समेत पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा और राजा के पूर्व निजी सचिव भी इस मामले में आरोपी हैं। इनके साथ स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर्स, यूनिटेक के प्रबंध निदेशक, रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के तीन वरिष्ठ अधिकारी और कलैगनार टीवी के निदेशकों पर भी घोटाले में शामिल होने का आरोप है। 

तीन टेलीकॉम कंपनियां, स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और यूनिटेक वायरलेस (तमिलनाडु) लिमिटेड पर भी इस मामले में केस चला है। अदालत ने अक्टूबर 2011 को तीनों के खिलाफ आरोप तय किए थे।

सीबीआई ने राजा और अन्य आरोपियों के खिलाफ अप्रैल 2011 को आरोप पत्र दाखिल किया था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि 122 लाईसेंस के आवंटन से 30,984 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था जिसे दो फरवरी 2012 को उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया था। अदालत ने 154 सीबीआई गवाहों के बयान दर्ज किए जिसमें अनिल अंबानी, उनकी पत्नी टीना अंबानी और नीरा राडिया के नाम शमिल हैं। इस मामले में आरोपियों को छह महीने से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।

सीबीआई के दूसरे मामले में एस्सार ग्रुप के प्रमोटर रवि रुइया और अंशुमन रुइया, लूप टेलीकॉम की प्रमोटर किरण खेतान, उनके पति आई पी खेतान और एस्सार समूह के निदेशक (स्ट्रैटजी एंड प्लानिंग) विकास सरार्फ आरोपी हैं। सीबीआई के आरोपपत्र में लूप टेलीकॉम लिमिटेड, लूप मोबाइल इंडिया लिमिटेड और एस्सार टेली होल्डिंग लिमिटेड के नाम भी है।

सीबीआई अदालत में तीसरा आरोप पत्र प्रवर्तन निदेशालय ने अप्रैल 2014 में 19 आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया गया था। इस आरोप पत्र में ए राजा, कनिमोझी, शाहिद बलवा, विनोद गोयनका, आसिफ बलवा, राजीव अग्रवाल, करीम मोरानी और शरद कुमार के नाम मनी लॉ्ड्रिरग मामले में शामिल हैं। ईडी के आरोपपत्र में द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि की पत्नी दयालु अम्मल का नाम भी आरोपी के रूप में शामिल है। उन पर आरोप है कि उन्होंने सीटीपीएल प्रमोटर्स से डीएमके द्वारा चलाए जाने वाले कलैगनार टीवी को 200 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इस मामले में 10 लोग और नौ कंपनियां आरोपी हैं।

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  • Web Title:cbi special court will give its decision on 2g scam case on december 21