बैंक धोखाधड़ी में मुंबई, केरल में सीबीआई के छापे
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई स्थित एक निजी कंपनी के निदेशकों के खिलाफ 133.52 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के मामले में छापेमारी की। यह मामला भारतीय स्टेट बैंक की शिकायत पर दर्ज हुआ है, जिसमें आरोप है कि निदेशकों ने गलत वित्तीय जानकारी देकर ऋण प्राप्त किया और धन का दुरुपयोग किया।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई स्थित एक निजी कंपनी के निदेशकों के खिलाफ 133.52 करोड़ रुपये से अधिक की कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में केस दर्ज कर मुंबई (महाराष्ट्र) और कोच्चि (केरल) में कई ठिकानों पर छापेमारी की है। सीबीआई ने यह मामला 9 जुलाई 2026 को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एसएएम शाखा, मुंबई की शिकायत के आधार पर दर्ज किया। मामले में निजी कंपनी के निदेशकों के अलावा अज्ञात लोक सेवकों और अज्ञात निजी व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने आपराधिक साजिश रचकर एसबीआई से अधिक ऋण सुविधा प्राप्त करने के लिए कथित रूप से गलत एवं भ्रामक वित्तीय जानकारी प्रस्तुत की।
इसके बाद बैंक से प्राप्त ऋण राशि का उपयोग स्वीकृत उद्देश्य के बजाय अन्य कार्यों में किया गया तथा धन का कथित रूप से दुरुपयोग (साइफनिंग/डायवर्जन) किया गया, जिससे बैंक को लगभग 133.52 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।सीबीआई ने शुक्रवार (10 जुलाई) को मुंबई और कोच्चि में आरोपियों से जुड़े विभिन्न परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान जांच से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज और महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए हैं। सीबीआई ने कहा कि मामले की जांच जारी है। जांच के दौरान पूरे षड्यंत्र का खुलासा करने, इसमें शामिल सभी व्यक्तियों चाहे वे लोक सेवक हों या निजी व्यक्ति की भूमिका का पता लगाने तथा ऋण की राशि का वास्तविक उपयोग और उसके प्रवाह (एंड-यूज़) का पता लगाया जाएगा।
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