रिलासंय ऋण धोखाधड़ी केस में दूसरी चार्जशीट दायर: सीबीआई
सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड से जुड़े ऋण धोखाधड़ी मामले में दूसरी चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि इस मामले में बैंकों और वित्तीय संस्थानों को 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। चार्जशीट में नेटिजन इंजीनियरिंग और उसके दो निदेशकों पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।

सीबीआई ने रिलासंय कम्युनिकेशंस लिमिटेड से जुड़े कथित ऋण धोखाधड़ी मामले में शुक्रवार को दूसरी चार्जशीट दाखिल की। इस मामले में बैंकों और वित्तीय संस्थानों को सार्वजनिक धन के 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का आरोप है। अधिकारियों के अनुसार मुंबई की एक विशेष अदालत में दाखिल इस चार्जशीट में नेटिजन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में रिलायंस इन्फोकॉम इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड) तथा उसके दो निदेशकों अनिल काल्या और टुनू साहू को आरोपी बनाया गया है। दोनों पर आपराधिक साजिश, आपराधिक गबन और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि जांच में यह सामने आया है कि नेटिजन इंजीनियरिंग का इस्तेमाल रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने धन के कथित रूप से जानबूझकर दुरुपयोग के लिए एक माध्यम के रूप में किया।
इससे ऋण देने वाले बैंकों को गलत तरीके से वित्तीय नुकसान हुआ, जबकि आरोपियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं को अनुचित लाभ पहुंचा। सीबीआई ने स्टेट बैंक की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया था।


