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1 अक्तूबर, 2020|5:31|IST

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बड़े केस में विफल हो जाती है CBI, बोफोर्स कांड, 2जी और आरुषि मर्डर में भी फेल हो चुकी है एजेंसी

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अयोध्या में ढांचा गिराने के मामले में अभियुक्तों को बरी करने के फैसले से एक बार फिर सीबीआई संदेह के दायरे आ गई है कि हर हाई प्रोफाइल केस में देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सजा दिलाने में विफल हो जाती है।

अयोध्या विध्वंस मामले में विशेष जज ने कहा है कि सीबीआई ने जो साक्ष्य पेश किए हैं वे या तो फोटो कापी हैं या फिर कोर्ट में उनकी पुष्टि नहीं की जा सकती। फोटो पेश किए तो उनके नेगेटिव नहीं पेश किए, खबरें पेश कि तो मूल कॉपी पेश नहीं की। खबर की कटिंग पेश की तो न उस पर सन लिखा था न ही तारीख। जज ने सभी ऐसे सबूतों को खारिज कर दिया।

इससे पूर्व सीबीआई बोफोर्स तोप सौदा कांड, टूजी स्पेक्ट्रम घोटाला, आरुषि मर्डर, कर्नाटक खनन घोटाला जिसमें मुख्यमंत्री येदियुरप्पा अभियुक्त थे, पूरी तरह से फेल रही। इन सभी मामले में कोर्ट ने अभियुक्तों को बरी कर दिया क्योंकि सीबीआई इनके खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं जुटा पाई।

पिछले दिनों पूर्व मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई ने कहा था कि जांच एजेंसी में मानव संसाधन की भारी कमी है। 15 फीसदी पद एक्जीक्यूटिव, तकनीकी स्टाफ की 28 फीसदी और कानूनी विभाग में 50 प्रतिशत पोस्टें खाली हैं। उन्होंने कहा था कि एजेंसी की कानूनी स्थिति पर शंका, ट्रेनिंग के लिए पर्याप्त निवेश और जवाबदेही का अभाव तथा राजनैतिक दखलंदाजी से एजेंसी बुरी तरह ग्रस्त है। वर्ष 2013 में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सीबीआई को अवैध घोषित कर दिया था। फिलहाल एजेंसी की जांच सुप्रीम कोर्ट के स्टे आदेश के आधार पर जीवित है।

हाईप्रोफाइल केस जिनमें सीबीआई विफल हुई:

बोफोर्स तोप सौदा केस (2005) : हाईकोर्ट ने सभी को बरी कर दिया। कुल 65 करोड़ की दलाली की जांच में 250 करोड़ खर्च कर दिए

टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला (2018) : सभी आरोपी बरी, लाखों पन्नों के सबूत बेकार साबित हुए। पूर्व मंत्री ए राजा और टेलीकाम कम्पनियां एस्सार और लूप बरी

आरुषि हेमराज हत्याकाण्ड (2017) : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा एजेंसी सबूत जुटाने में बुरी तरह से फेल हुई, तलवार दंपति बरी

कर्नाटक का लौह अयस्क खनन घोटाला (2016) मुख्य्मंत्री समेत सभी अभियुक्त बरी

 

राजीव गांधी हत्याकांड, बड़ी साजिश की जांच में कोई प्रगति नहीं। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने कहा सीबीआई की जांच अंतहीन को सकती है क्योंकि 1991 से लेकर अब तक कोई प्रगति नहीं की है।

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  • Web Title:CBI fails in big cases Investigation agency fails in Bofors scandal 2G and Aarushi murder case