रिश्वत मामले में विवेचक के बयान दर्ज
गाजियाबाद में सीबीआई न्यायालय में आईसीआईसीआई बैंक के गृह ऋण में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के मामले की सुनवाई हुई। शिकायतकर्ता महेश गौतम ने बैंक से 10 लाख रुपये का ऋण लिया था। जांच में सेल मैनेजर और एग्जीक्यूटिव द्वारा रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार होने का मामला सामने आया। अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी।

गाजियाबाद, संजीव वर्मा। मथुरा के भूतेश्वर स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा में गृह ऋण की शेष राशि जारी करने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने और लेने के मामले में मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। मामले के विवेचक मुकेश पांडेय अदालत में पेश हुए। उनके बयान दर्ज किए गए। मुख्य परीक्षा पूरी होने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए एक सितंबर की तारीख तय की है। सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता महेश गौतम ने बैंक से 10 लाख रुपये का गृह ऋण लिया था। बैंक ने पहली किस्त के तौर पर करीब 3.04 लाख रुपये जारी किए थे।
आरोप है कि शेष राशि जारी करने के बदले तत्कालीन सेल मैनेजर सोनू सिकरवार ने 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी और यह रकम सेल एग्जीक्यूटिव ऋषभ कुमार को देने के लिए कहा। शिकायत के बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर ऋषभ कुमार को 50 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की।


