ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ देशकांग्रेस को कितना काम आएगा कन्हैया-जिग्नेश का साथ? देखिए एक नजर

कांग्रेस को कितना काम आएगा कन्हैया-जिग्नेश का साथ? देखिए एक नजर

मंगलवार (28 सितंबर) को जेएनयूएसयू (JNUSU) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और गुजरात से जिग्नेश मेवानी कांग्रेस का दामन थामने वाले हैं। इसके लिए कांग्रेस की तरफ से तैयारी पूरी कर ली गई है। सरदार भगत...

कांग्रेस को कितना काम आएगा कन्हैया-जिग्नेश का साथ? देखिए एक नजर
Gaurav Kalaहिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 27 Sep 2021 03:43 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

मंगलवार (28 सितंबर) को जेएनयूएसयू (JNUSU) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और गुजरात से जिग्नेश मेवानी कांग्रेस का दामन थामने वाले हैं। इसके लिए कांग्रेस की तरफ से तैयारी पूरी कर ली गई है। सरदार भगत सिंह के जन्मदिवस के मौके पर दिल्ली में राहुल गांधी की मौजूदगी में दोनों युवा नेता कांग्रेस में शामिल होंगे।

देश की आजादी में बड़ा योगदान देने वाले सरदार भगत सिंह के जन्मोत्सव के मौके पर कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी को अपने साथ जोड़कर कांग्रेस एक साथ कई समीकरण साध रही है। 

हाल ही के कुछ वर्षों में ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद और सुष्मिता देव जैसे युवा नेताओं ने कांग्रेस का साथ छोड़ा। जिसके बाद कांग्रेस पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े हुए। फिर अभी कुछ रोज पहले पंजाब कांग्रेस में कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच कलह खुलकर सामने आया। जिसमें अमरिंदर को कुर्सी छोड़नी पड़ी। वे अभी भी पार्टी हाईकमान से नाराज चल रहे हैं। ऐसे में कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी को अपने साथ जोड़कर कांग्रेस पार्टी कितना फायदा लेती है, ये देखने वाली बात होगी। दोनों नेता युवा हैं और अपनी पीढ़ी के युवाओं के बीच अच्छी पकड़ भी रखते हैं। 

अगले साल 2022 में यूपी, उत्तराखंड, पंजाब समेत कुल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी का साथ मिलना कांग्रेस को चुनावी रेस में कितना आगे ले जाता है, ये आगे की बात होगी। 

एक के बाद एक चुनाव हार रही कांग्रेस अब खुद को बदलने की तैयारी कर रही है। पार्टी की नजर विधानसभा के साथ लोकसभा चुनाव पर भी है। चुनाव में जीत की दहलीज तक पहुंचने के लिए पार्टी जातीय समीकरणों के साथ युवाओं पर दांव लगाने जा रही है, ताकि, 2024 के चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की जा सके। कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी को पार्टी में शामिल कराना उसी का हिस्सा है।

बिहार से ताल्लुक रखने वाले जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार  देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में शुरुआत से ही भाजपा सरकार के निशाने पर रहते हैं। बिहार में उनका अपना वोट बैंक है। आगामी 2024 में लोकसभा चुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव में कन्हैया कुमार कांग्रेस के काफी काम आ सकते हैं।  

ऐसी जानकारी मिली है कि गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष हार्दिक पटेल काफी दिनों से कन्हैया कुमार और गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी के संपर्क में है। सूत्रों से पता लगा है कि दोनों ने पार्टी में एंट्री के लिए अपनी सहमति दे दी है।

बिहार से ताल्लुक रखने वाले कन्हैया कुमार ने पिछले लोकसभा चुनाव में बिहार की बेगूसराय लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के खिलाफ भाकपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था, हालांकि वह हार गए थे. दूसरी तरफ, दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले जिग्नेश गुजरात के वडगाम विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक हैं.

epaper