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21 फरवरी, 2020|6:40|IST

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CAA: अपने खिलाफ प्रस्ताव पारित होने पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान बोले- फैसले का स्वागत

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केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विवादित संशोधित नागरिकता कानून पर राज्य विधानसभा में अपने खिलाफ प्रस्ताव पेश करने की विपक्षी दल कांग्रेस की योजना का स्वागत करते हुए शनिवार को कहा कि वह संविधान के अनुसार काम कर रहे हैं। राज्यपाल का यह बयान तब आया है जब विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथला ने कहा कि वह लोकतांत्रिक सिद्धांतों का ''उल्लंघन करने और विधानसभा के गौरव पर ''सार्वजनिक रूप से सवाल उठाने के लिए राज्यपाल को वापस बुलाए जाने का प्रस्ताव विधानसभा में पेश करेंगे। इस बारे में जब खान से पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''स्वागत है।

उन्होंने यहां एक कार्यक्रम से इतर मीडिया से कहा, ''हर किसी को अपनी राय रखने का हक है। मैं राज्य का संवैधानिक प्रमुख हूं। सरकार को सलाह देना, परामर्श देना, प्रेरित करना और आगाह करना मेरा कर्तव्य है। उन्होंने कहा, ''संविधान और उच्चतम न्यायालय द्वारा की गई व्याख्या के अनुसार यह मेरी जिम्मेदारी का हिस्सा है। खान ने कहा कि सरकार के साथ कोई टकराव नहीं है, लेकिन साथ ही कहा कि उन्हें सूचित किए बगैर सीएए के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करने का राज्य का कदम सही नहीं है।

पिछले कुछ सप्ताह से राज्य सरकार के साथ टकराने वाले खान ने कहा, ''विचार अलग हो सकते हैं लेकिन इसे टकराव नहीं कहा जा सकता। उन खबरों पर कि राज्यपाल ने बजट सत्र के पहले दिन नीति संबोधन में विधानसभा द्वारा पारित सीएए विरोधी प्रस्ताव पर असंतोष जताया है, इस पर खान ने कहा कि उन्होंने सरकार को केवल यह बताया था कि उन्हें दिए ''दस्तावेज की सामग्री में कैसे सुधार किया जाए।

राज भवन के एक अधिकारी ने कहा, ''नीति संबोधन के संबंध में संवैधानिक प्रावधान में भाषण राज्य के विकासात्मक आयामों के बारे में होना चाहिए। जहां तक मैं समझता हूं, राज्यपाल की यह राय है कि चूंकि नागरिकता कानून राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता तो इसका उल्लेख करने की कोई आवश्यकता नहीं थी। और चूंकि मामला न्यायालय के विचाराधीन है तो विधानसभा में इसका उल्लेख करना सही नहीं था।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने विधायी कामकाज के नियम 130 के तहत विधानसभा में प्रस्ताव पेश करने की अनुमति मांगने के लिए अध्यक्ष पी श्रीरामकृष्णन को नोटिस दिया है।

उन्होंने राज्यपाल पर शीतकालीन सत्र के दौरान संसद द्वारा लागू किए गए नागरिकता (संशोधन) कानून 2019 के खिलाफ राज्य विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से चुनौती देने का आरोप लगाया। उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''केरल विधानसभा में भाजपा के एक भी सदस्य ने सीएए के खिलाफ विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव के खिलाफ वोट नहीं किया लेकिन राज्यपाल ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया कि यह असंवैधानिक है।

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  • Web Title:CAA Kerala Governor Arif Mohammad Khan after passing resolution against him said I welcome