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CAA के कारण मिली नई जिंदगी; नागरिकता मिलने पर गदगद हैं पाकिस्तान से आए भरत कुमार

भरत ने बताया कि वह पिछले 10 साल से दिल्ली के मजनू टीला में रह रहे हैं। भरत ने कहा, 'मैं पाकिस्तान के सिंध प्रांत से भारत आया था। वहां के हालात के बारे में सभी जानते हैं। वहां कोई जीवन नहीं है।

CAA के कारण मिली नई जिंदगी; नागरिकता मिलने पर गदगद हैं पाकिस्तान से आए भरत कुमार
Himanshu Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्ली।Thu, 16 May 2024 12:26 PM
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लोकसभा चुनाव को लेकर जारी वोटिंग के बीच नागरिकता संसोधन अधिनियम (CAA) के जरिए हाल में 14 लोगों को भारत की नागरिकता मिली है। भरत कुमार भी उनमें से एक हैं। वह भारत की नागरिकता लेकर काफी खुश हैं। उन्होंने बताया कि 11 साल का लंबा इंतजार खत्म हुआ। नागरिकता प्रमाण पत्र सीने से लगाए भरत कुमार ने कहा, 'मुझे ऐसा लग रहा है जैसे भारत आने के बाद मुझे नई जिंदगी मिल गई है। मुझे नागरिकता मिल गई है, और मुझे सरकार से और क्या चाहिए।'

भरत कुमार ने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं। जो आज तक किसी को नहीं मिला, वो आज हमें मिल गया है। आज हमें नागरिकता मिल गई है।' भरत ने बताया कि वह 11-12 साल पहले पाकिस्तान से भारत आए थे। 

उन्होंने कहा, 'मैं पिछले 11-12 साल से इस दिन का सपना देख रहा था। जब से हम पाकिस्तान से भारत आए हैं। हम तब से सोचते रहे हैं कि हमें नागरिकता कब मिलेगी।' भरत ने बताया कि वह पिछले 10 साल से दिल्ली के मजनू टीला में रह रहे हैं। भरत ने कहा, 'मैं पाकिस्तान के सिंध प्रांत से भारत आया था। वहां के हालात के बारे में सभी जानते हैं। वहां कोई जीवन नहीं है। वहां कभी स्कूल नहीं गया। भारत आकर मैंने पढ़ाई की।'

भरत कुमार ने कहा कि धार्मिक उत्पीड़न के कारण उन्हें और उनके परिवार को पाकिस्तान के सिंध प्रांत से भारत आने के लिए मजबूर होना पड़ा। जब वह भारत आये तो उनकी उम्र 13 वर्ष थी। उन्होंने कहा, 'जब मैं पाकिस्तान में था तो मुझे हमेशा डर के साए में जीना पड़ता था। वहां के हालात बहुत खराब हैं।' 

भरत कुमार ने कहा कि उनके क्षेत्र से कुल पांच लोगों को भारतीय नागरिकता मिली। भरत ने यह भी कहा कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि वहां रहने वाले और शरणार्थियों को जल्द ही नागरिकता दी जाएगी। वहीं भरत की आवाज में मौजूदा चुनाव में वोट न दे पाने का मलाल सुनाई दिया। हालांकि उन्होंने कहा, 'मैं अगले चुनाव में अपने अधिकारों का इस्तेमाल जरूर करूंगा।'

इस बीच भरत के साथ-साथ शीतल दास को भी कल नागरिकता मिल गई। उन्होंने कहा कि उनका 19 सदस्यों का परिवार 2013 में पाकिस्तान छोड़कर भारत आ गया था। वह भरत की तरह मजनू का टीला में रहे। शीतल ने कहा कि उनके परिवार के 3 सदस्यों को कल भारतीय नागरिकता दी गई। सिंध प्रांत से भारत आईं यशोदा ने कहा कि अब मेरे पास नागरिकता है तो मैं सम्मान के साथ जी सकूंगी।

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