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8 सितम्बर, 2020|6:07|IST

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दिसंबर 2021 तक सभी ट्रेन जीपीएस पर होंगी, रेल संपत्ति पर ऐसे रखी जाएगी नजर

भारतीय रेल को आधुनिक और डिजिटल स्वरूप देने के लिए रेल बोर्ड ने बहुआयामी कार्ययोजना तैयार की है। सेटेलाइट के जरिए ट्रेन पर नजर रखने के साथ क्यूआर कोड के जरिए यात्री टिकट चेक किए जाएंगे। लोको से लेकर निविदा और प्रबंधन का काम डिजिटल होगा। दिसंबर 2021 तक सारी ट्रेन जीपीएस पर आ जाएंगी।

रेल बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने भारतीय रेल के डिजिटलीकरण को साझा करते हुए कहा कि रेलवे में यात्री सेवाओं, माल की ढुलाई समेत संचालन व प्रबंधन सभी कामों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। सेटेलाइट के जरिए ट्रेन की ट्रैकिंग की जा रही है। 2700 विद्युत और 3800 डीजल इंजनों को जीपीएस से लैस किया जा चुका है। दिसंबर 2021 तक बाकी छह हजार इंजनों में भी जीपीएस लगा दिया जाएगा। इसमें इसरो के दो सेटेलाइट की मदद ली जा रही है।

विंडो से टिकट का मिलना जारी रहेगा
ऑनलाइन टिकट के साथ विंडो से लिए गए कागज के प्रिंटेड टिकट भी क्यूआर कोड से लैस होंगे। ऐसे टिकट लेने पर मोबाइल पर एसएमएस आएगा, जिस पर लिंक होगा जिसे क्लिक करने पर क्यूआर कोड होगा। इसके जरिए टीटीई को टिकट चेक कराया जा सकेगा। कोरोना काल में यह सहायक होगा। इससे कान्टेक्टलेस चेकिंग को बढ़ावा मिलेगा। 

कोरोना काल में 85 फीसद टिकट ऑनलाइन लिए गए हैं। यादव ने कहा कि इसके बावजूद विंडो से टिकट का मिलना जारी रहेगा। रेलवे चालक दल मोबाइल एप का भी उपयोग कर रहा है। जियो मैपिंग के जरिए दफ्तर में बैठकर रेलवे के सारी संपत्तियों पर नजर रखी जा सकती है। इस साल के आखिर तक रेल पार्सल प्रबंधन को इलेक्ट्रानिक प्लेटफार्म पर लाया जाएगा।

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  • Web Title:by december 2021 all trains will be on gps rail assets will be monitored by jio mapping