कांवड़ यात्रा की तैयारी में जूटे गंगा नगरी के व्यापारी
श्रावण माह के शुरू होने से पहले गंगा नगरी के व्यापारियों ने अच्छे व्यापार की उम्मीद लगाते हुए तैयारी शुरू कर दी है। इस बार श्रावण माह 30 जुलाई से शुरू होगा और भगवान शिव का जलाभिषेक 11 अगस्त को होगा। व्यापारी कांवड़ लेने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत और सामग्री विक्रय के लिए तैयारियाँ कर रहे हैं।

श्रावण माह के शुरू होने से पहले ही गंगा नगरी के व्यापारियों ने अच्छे व्यापार की उम्मीद लगाकर अभी से तैयारी शुर कर दी, और दूर दराज से आने वाले सामग्री के ऑडर देना शुरू कर दिया है। बता दें कि श्रावण माह में हरिद्वारा, गोमुख् गंगोत्री से मात्र शिवरात्रि तक ही शिव भक्तों का कांवड़ लाने का सिलसिला रहता है। लेकिन गंगा नगरी ब्रजघाट में तो श्रावण के हर सोमवार को भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्तों का आगमन होता है। इस बार पर 30 जुलाई से श्रावण माह शुरू होगा और 11 अगस्त को भगवान शिव का जलाभिषेक होगा। इसलिए शिव भक्तों के स्वागत और उनके बेहतर सामग्री विक्रय करने के लिए अभी से बजारों के व्यपारियों ने तैयारी तेज कर दी है。
अच्छे कारोबार की उम्मीद
कारोबारी मोनू शर्मा ने बताया कि श्रावण में केसरिया रंग की काफी मांग रहती है। ऐसे में वस्त्र विक्रेताओं ने सावन के कपड़ों का नया स्टॉक मंगवा लिया है। श्रावण माह शुरू होते ही खरीदारी में तेजी आएगी। इस बार अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
डमरू, क्लश बाजार में छाए
श्रावण माह कावंड़ में कभी कांच की शीशी में जल ले जाने की परंपरा होती थी, लेकिन आज ये सिर्फ रिवाज बनकर रह गई है। तेजी से कांवड़ का स्वरूप बदला है अब केन और क्लश में जल ले जाया जाता है। इसलिए क्लश और डमरू की मांग ज्यादा होती है।
महाकाल के टी-शर्ट की खूब मांग
भगवान शिव की तस्वीर वाली टी-शर्ट की काफी डिमांड होती है। अधिकतर टी-शर्ट भगवान शिव के मुखाकृति नीले और सफेद रंग से बनाई गई को पसंद करते है। वहीं, केसरिया रंग के कुर्ते पर महादेव लिखकर और त्रिशूल की आकृति की भी खूब मांग होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Mulit Tyagiमुलित त्यागी पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान हापुड़ में ब्यूरो इंचार्ज पर काम कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
मुलित त्यागी भारतीय मीडिया जगत का प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) हापुड़ ब्यूरो में इंचार्ज हैं। 2007 में गढ़मुक्तेश्वर में भूख से मौत प्रकरण में 44 दिनों तक विशेष खबरें की जिससे जरिए उन्हें पत्रकारिता में मजबूत पहचान मिली। भूख से गरीब की मौत, लखीमपुर में बाढ़ का दंश, बदायूं में दो बहनों की लाश पेड़ पर लटकाना, हापुड़ में अरबों रुपये कीमत की सेना की भूमि पर अवैध कब्जे पर बड़ी कार्रवाई जैसी खबरों का मुलित ने ब्रेक किया है।
कॅरियर का सफर
मुलित त्यागी ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2002 में दैनिक जागरण समाचार पत्र से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2003 में अमर उजाला के साथ जुड़े। अमर उजाला में जूनियर सब एडिटर रहते गढ़मुक्तेश्वर तहसील इंचार्ज बनें। 2012 तक वहीं पर लगातार काम किया। एक जनवरी 2013 को हिन्दुस्तान बरेली में ज्वाइन किया और फिर लखीमपुर जिले में ब्यूरो इंचार्ज बनें। 24 फरवरी 2014 को बदायूं जिले में जिम्मेदारी दी गई। अक्तूबर 2014 से हापुड़ ब्यूरो की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएससी बायोलॉजी के साथ-साथ बीए और राजनीति विज्ञान में एमए उत्तीर्ण।
कार्य और लक्ष्य
कई मामलों में उन्होंने अनेक एक्सक्लूसिव स्टोरी ब्रेक की हैं। मुलित का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता के साथ सटीक सूचना देने पर केंद्रित है। इसी को केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।


