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Budget 2020: घर खरीदने पर 1.5 लाख छूट लेने की समय सीमा एक साल बढ़ी

नई दिल्ली, एजेंसीPublished By: Madan
Sat, 01 Feb 2020 06:01 PM
Budget 2020: घर खरीदने पर 1.5 लाख छूट लेने की समय सीमा एक साल बढ़ी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लंबे समय से सुस्ती की चपेट में चल रहे रियल एस्टेट सेक्टर को उबारने की एक और कोशिश शुक्रवार को पेश बजट में की। उन्होंने घोषणा की है कि सस्ते घरों पर मिली रही सब्सिडी (अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम) मार्च 2021 तक लागू रहेगी। इस घोषणा के बाद पहल दफा घर खरीदने वाले घरीदार 45 लाख रुपये के घर पर 1,50,000 रुपये तक अतिरिक्त कटौती को एक साल और बढ़ाने का प्रस्ताव है।

2022 तक सभी के लिए घर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक सभी के लिए घर का वादा किया है। रियल एस्टेट को उम्मीद थी कि इस बजट में इसे सेक्टर का दर्जा मिल जाएगा, जिससे इसकी हालत में सुधार होगा। वर्तमान में घर खरीदने पर होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपये तक छूट मिलती है। इसके अलावा सेक्शन 80सी के तहत मूलधन पर भी 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है।

अफोर्डेबल हाउसिंग सरकार का पसंदीदा

नारेडको के प्रेसिडेंट डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि रियल एस्टेट के लिए, अफोर्डेबल हाउसिंग पूरे हाउसिंग सेक्टर में सरकार की पसंदीदा बनी हुई है। घर खरीदारों और डेवलपर्स, दोनों के लिए पिछले कर छूटको एक और वर्ष के लिए जारी रखा गया है। वेयरहाउसिंग, डेटा सेंटर, स्कूल,अस्पताल और हॉस्पिटैलिटी पर ध्यान देने के साथ कमर्शियल रियल एस्टेट सेगमेंट में तेजी देखी जा सकती है। फिर से, बाजार की वास्तविकता यह है कि 'सर्कल कीमतों' और उन कीमतों के प्वाइंट्स में अंतर है, जिन पर ट्राजेक्शंस वास्तव में हो रहे हैं,इसके लिए कुछ और नए प्रावधान किए जा सकते थे।

पीपीपी मॉडल बेहतर साबित होगा

अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप के सीएमडी राकेश यादव ने बताया कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का मॉडल स्मार्ट सिटी के अलावा रियल एस्टेट के लिए भी बेहतर साबित होगा। मेरा मानना है कि यह एक प्रगतिशील बजट है जो सकारात्मक दिशा में सही मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। इस में अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए अधिक प्रोत्साहन, निम्न और मध्यम आय वर्ग के लिए कर राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास शामिल है। बजट से साफ है कि सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग पर फोकस कर रही है क्योंकि अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के अप्रूवल की सीमा को मार्च 2020 से 2021 तक लाने का प्रस्ताव दिया गया है। जीडीपी के लक्ष्य को पाने के लिए रियल एस्टेट को बूस्ट देना जरूरी था।

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