गोल्डन फारेस्ट की जमीन बेच बीएसएफ के रिटायर्ड अफसर से 27.8 लाख ठगे
एक सहायक कमांडेंट, जो बीएसएफ से रिटायर हुए हैं, को झाझरा में गोल्ड फॉरेस्ट की जमीन बेचकर 27.80 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। चार जालसाजों ने फर्जीवाड़ा कर रकम हड़पी। बसंत विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बीएसएफ से रिटायर एक सहायक कमांडेंट को झाझरा में गोल्ड फॉरेस्ट की जमीन बेचकर 27.80 लाख रुपये हड़प लिए गए। चार जालसाजों ने मिलकर फर्जीवाड़ा कर रकम हड़पी। मामले में बसंत विहार थाना पुलिस ने चार आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। धर्मपुर निवासी कमल सिंह पटवाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह बीएसएफ से बतौर सहायक कमांडेंट दो वर्ष पहले रिटायर हुए हैं। एकता विहार निवासी अमन वर्मा ने उनकी मुलाकात राजेश अग्रवाल और विजय वर्मा से कराई थी। इसके बाद 15 जुलाई 2024 को उन्होंने इनके जरिए चंदनवाड़ी, नंदा की चौकी निवासी सोनू थापा से ईस्ट होप टाउन, झांझरा में 151.3 वर्ग गज जमीन खरीदी थी।
इसकी एवज में 27.82 लाख रुपये का भुगतान कर रजिस्ट्री करवाई गई। हाल ही में जब कमल सिंह ने मकान बनाने के लिए दाखिल खारिज की प्रक्रिया शुरू की तो क्षेत्रीय पटवारी ने जमीन का मुआयना किया। पटवारी ने बताया कि मौके पर खसरा नंबर 933 की जमीन नहीं है, बल्कि यह गोल्डन फारेस्ट की अधिकृत भूमि है। ठगी का अहसास होने पर जब पीड़ित ने चारों आरोपियों से संपर्क करना चाहा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। पैसे वापस मांगने पर आरोपियों के परिजनों ने उन्हें धमकाया। इसके बाद पीड़ित ने एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल से शिकायत की। उनके निर्देश पर बसंत विहार थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। एसओ सैंकी कुमार ने बताया कि तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है।


