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1 अप्रैल, 2021|2:16|IST

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कर्नाटक कैबिनेट में अपने पोर्टफोलियो से नाराज नए मंत्रियों ने बढ़ाई बीएस येदियुरप्पा की परेशानी

yediyurappa accused the congress on sunday of distorting his statement  ht file

कर्नाटक में बी एस येदियुरप्पा की अगुवाई वाले मंत्रिमंडल में बृहस्पतिवार को सात नए मंत्रियों को विभाग आवंटित किए जाने और कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल के साथ ही एक नया विवाद खड़ा हो गया। सूत्रों के मुताबिक कुछ मंत्रियों में उनको आवंटित किए गए विभागों को लेकर नाराजगी है और वे जल्द ही इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा से मिल कर सकते हैं। गुरुवार को के. सी. नारायण गौड़ा, एन. नागार्जुन और के. गोपालैया सहित कम-से-कम चार मंत्रियों ने स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर के आवास पर उनसे मुलाकात कर इस बात को लेकर चर्चा की कि वे कैसे अपनी नाराजगी को मुख्यमंत्री के सामने रख सकते हैं।

मंत्रालयों के बंटवारे के बाद येदियुरप्पा की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं, जबकि उन्होंने उम्मीद जताई थी कि सरकार के भीतर सबकुछ शांत हो जाएगा। कैबिनेट में शामिल हुए नए मंत्रियों और जिन मंत्रियों के मंत्रालयों में बदलाव किया गया है, उन्होंने खुले तौर पर अपनी बातें रखनी शुरू कर दी हैं, जो कि येदियुरप्पा के लिए बड़ी चिंता का सबब है।   

एन. नागार्जुन ने गुरुवार को आबकारी विभाग मिलने पर नाराजगी जताई और कहा कि यह संकेत देता है कि उनके प्रोफाइल को नीचा किया गया है, जबकि कुछ ही समय पहले उन्होंने गठबंधन सरकार में गृह मंत्री के तौर पर अपनी सेवा दी थी। उन्होंने कहा, "आबकारी विभाग में मेरे लायक ज्यादा कुछ करने को नहीं है और मैंने ऐसा विभाग देने को कहा था जहां विकास की ज्यादा जरूरत है। मैंने अपनी बात सीएम तक पहुंचा दी है।"

वहीं, एचडी कुमारस्वामी की अगुवाई वाले जनता दल (एस) और कांग्रेस की गठबंधन सरकार को गिराने में अहम भूमिका निभाने वाले एक और मंत्री के. गोपालैया ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से मिलेंगे और पूछेंगे कि क्यों उनसे खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ले लिए गए। उन्होंने कहा, "हम सीएम से मुलाकात करे उनसे पूछना चाहते हैं कि हमने क्या गलती की है।"

नए मंत्रियों को दिए गए विभाग
कैबिनेट में शामिल नए मंत्रियों में उमेश कट्टी को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले तथा एस अंगारा को मत्स्य, बंदरगाह और अंतर्देशीय परिवहन विभाग दिए गए हैं। राज्यपाल की सहमति से जारी आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, मुरुगेश निरानी खान और भूविज्ञान मंत्री होंगे तथा अरविंद लिंबावली को वन विभाग मिला है। अन्य मंत्रियों में, आर शंकर को नगर निकाय प्रशासन और रेशम उत्पादन विभाग मिला है, जबकि एमटीबी नागराज आबकारी मंत्री और सी. पी. योगेश्वर लघु सिंचाई विभाग के मंत्री होंगे।

कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल
इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण फेरबदल में, जे सी मधुस्वामी से कानून, संसदीय मामलों, विधायी मामले और लघु सिंचाई विभाग ले लिए गए हैं और उन्हें चिकित्सा शिक्षा, कन्नड़ और संस्कृति विभाग आवंटित किए गए हैं। येदियुरप्पा मंत्रिमंडल में मधुस्वामी एक प्रमुख मंत्री की हैसियत रखते हैं जो विधानसभा में सरकार का मजबूती से बचाव करते रहे हैं। गृह मंत्री बसवराज बोम्मई को कानून, संसदीय कार्य और विधायी विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। आनंद सिंह से वन विभाग वापस ले लिया गया है और उन्हें अब पर्यावरण तथा पारिस्थितिकी के अलावा पर्यटन विभाग दिया गया है, जबकि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री के. सुधाकर से चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। पहले खान और भूविज्ञान विभाग रखने वाले सी सी पाटिल को अब लघु उद्योग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का प्रभार दिया गया है। मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी को मत्स्य, बंदरगाह और अंतर्देशीय परिवहन विभाग की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है और अब उनके पास मुजरई और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग होगा। पशुपालन मंत्री प्रभु चौहान से हज और वक्फ विभाग वापस ले लिया गया है, जबकि श्रम मंत्री ए शिवराम हेब्बार से चीनी विभाग ले लिया गया है। के. गोपालैया से खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ले लिए गए हैं, जिन्हें अब बागवानी और चीनी विभागों का प्रभार दिया गया है। के. सी. नारायण गौड़ा को युवा अधिकारिता, खेल, हज और वक्फ विभाग दिए गए हैं, जबकि नगर निकाय प्रशासन, बागवानी और रेशम उत्पादन विभागों को उनसे वापस ले लिया गया है।

कर्नाटक कैबिनेट में फिलहाल 33 मंत्री 
मुख्यमंत्री ने कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग (डीपीएआर), कैबिनेट मामलों, वित्त, बेंगलुरु विकास, ऊर्जा, खुफिया, योजना, कार्यक्रम निगरानी, सांख्यिकी, अवसंरचना विकास और बाकी बचे अन्य सभी विभागों को अपने पास रखा है। गौरतलब है कि एक लंबे इंतजार के बाद येदियुरप्पा ने 13 जनवरी को अपने 17 महीने पुराने मंत्रिमंडल का विस्तार किया और सात नए मंत्रियों को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया। राज्य मंत्रिमंडल में अब 33 मंत्री हो गए हैं, जिसकी कुल क्षमता 34 है।

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  • Web Title:BS Yediyurappa Govt in Trouble After new Karnataka cabinet portfolio distribution