साले ने कपड़े से बांधा, मिट्टी का तेल डाल पत्नी ने लगाई आग
साले ने कपड़े से बांधा,मिट्टी तेल डाल पत्नी नेसाले ने कपड़े से बांधा,मिट्टी तेल डाल पत्नी नेसाले ने कपड़े से बांधा,मिट्टी तेल डाल पत्नी नेसाले ने कपड़

फतेहपुर। पत्नी की मायके जाने की मामूली बात पर विवाद और थाने में सुलझ समझौते के बाद भाई बहन ने क्रूरता की सारीं हदें पार कर दी थी। भाई बहन की करतूत से हर कोई हैरान था। सुलह बाद नीलम पति व भाई के साथ कपड़े लेने घर गई थी। जहां दोबारा हुए विवाद पर साले ने बहनोई को कपड़े से बांध दिया, तभी पत्नी ने मिट्टी का तेल डाल कर आग लगा दी। भाई बहन जलते हुए अरुण को छोड़ घर में कुंडी लगा निकल रहे थे, तभी अरुण के पिता ने उनकी करतूत को देख दिया। नतीजन वादी (मृतक के पिता) की गवाही ने भाई बहन को जेल के सलाखों तक पहुंचा। शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमें के फैसले में वादी शिवमंगल सिंह की गवाही अहम रही है। वादी ने कोर्ट में बताया कि अरुण व ससुरालीजनों से विवाद का मामला थाने पहुंचा था। जहां दोनों पक्षों को बुलाया गया था। वह भी थाने में था, करीब चार घंटे चली पंचायत में इस बात में सुलह हुई कि अभी नीलम को मायके जाएं, करवाचौथ से पहले अरुण पत्नी को विदा करा लाएगा। सुलह बाद अरुण, नीलम व राजू एक बाइक से घर पहुंचे, जहां से नीलम को कपड़े लेकर मायका जाना था। वह भी पीछे आ रहा था। घर पहुंचने पर उसने देखा कि नीलम व राजू कुंडी बंद कर जा रहे थे, घर से धुआं उठ रहा था,वह अंदर गया तो अरुण कपड़े से बंधा व जला पड़ा था। उसने बताया कि राजू ने उसे बांध दिया और पत्नी ने मिट्टी का तेल डाल कर आग लगा दिया। बताया कि अस्पताल में ले जाते समय उसकी मौत हो गई। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अभियोजन से पेश किए गए छह गवाहों में शिवमंगल की गवाही अहम रही।
घटना स्थल पर मौजूदगी के नहीं मिले साक्ष्य
बताया कि युवक की हत्या में नामजद उसकी सांस घटना के समय थाने में थी। नीलम सिर्फ अपने भाई राजू के साथ गई थी। सास के घटनास्थल पर मौजूदगी के साक्ष्य नहीं मिलने पर कोर्ट ने उसे केस से बरी कर दिया।


