ट्रैक्टर के लालच में बड़े भाई को पत्थरों से कूचकर मार डाला
गाजियाबाद में मोहम्मद सुखबीर ने अपने भाई मोनू की हत्या की। सुखबीर ने भाई को शराब पिलाने के बाद गला घोंटा और पत्थरों से वार किया। उन्हें ट्रैक्टर के स्वामित्व को लेकर विवाद था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक जांच शुरू कर दी है।

गाजियाबाद, योगेन्द्र सागर। अध्यात्मिक नगर स्थित पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास युवक की हत्या का मसूरी पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, साझे में खरीदे ट्रैक्टर के लालच में छोटे भाई ने ही युवक की हत्या की। आरोपी ने पहले भाई को शराब पिलाई और नशा होने पर गला घोंट दिया। इसके बाद पत्थर से सिर और सीने पर ताबड़तोड़ वारकर मार डाला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एसीपी मसूरी सुनील कुमार ने बताया कि 26 जुलाई की सुबह पीडब्ल्यूडी कार्यालय के चौकीदार ने झाड़ियों में एक व्यक्ति का लहूलुहान शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतक के चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे, जबकि उसकी छाती पर खून से सना भारी पत्थर रखा था। स्थानीय लोगों से पहचान कराने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जहां रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर विशेष टीमों का गठन किया गया।
भाई की हत्या का कारण
जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में मृतक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दिया। सर्विलांस की मदद से 30 जुलाई को उसकी पहचान थाना मूंढापांडे जिला मुरादाबाद के गांव जंडेल निवासी 42 वर्षीय मोनू सिंह के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने जांच की तो मोनू के छोटे भाई सुखबीर सिंह पर शक गहरा गया। कैमरों में दोनों भाई घटना से पहले साथ घूमते दिखाई दिए, जबकि वारदात के बाद सुखबीर रोडवेज बस से मुरादाबाद लौटता भी नजर आया। तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
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ट्रैक्टर कब्जाने के लिए भाई की हत्या की
हत्या की योजना का खुलासा
एसीपी के मुताबिक पूछताछ में सुखबीर ने बताया कि फरवरी 2026 में दोनों भाइयों ने लोन पर ट्रैक्टर खरीदा था। ट्रैक्टर बड़े भाई मोनू के नाम पर था और दोनों उससे मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते थे। कुछ समय बाद सुखबीर की नीयत बदल गई और वह ट्रैक्टर पर अकेले कब्जा करना चाहता था। इसे लेकर दोनों भाइयों में अक्सर झगड़ा होने लगा। परिवार और रिश्तेदारों ने कई बार पंचायत कर समझौते की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद मोनू मुरादाबाद छोड़कर गाजियाबाद के बम्हैटा गांव में रहने लगा।
भाई के साथ बिताया दिन और हत्या की रात
एसीपी के मुताबिक सुखबीर 25 जुलाई को मुरादाबाद से गाजियाबाद पहुंचा और पूरे दिन भाई के साथ रहा। रात में उसने मोनू को अधिक शराब पिलाई और घर चलने का बहाना बनाकर सुनसान स्थान पर ले गया। वहां पहले गला घोंटकर हत्या की और फिर सिर और सीने पर भारी पत्थरों से कई वार कर मौत की पुष्टि की। वारदात के बाद वह रोडवेज बस से मुरादाबाद लौट गया। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने उसकी पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। एसीपी ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए खून से सने दो पत्थर भी बरामद कर लिए गए हैं।


