जेपीएनआईसी में भ्रष्टाचार करने वाले लोग अब इसे चलाने में बाधा डाल रहे : ब्रजेश पाठक
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लोहिया और जेपी को याद करते हुए कहा कि अगर वे आज होते, तो समाजवाद की कसौटी पर सपा का फैसला सुनाते। उन्होंने सपा पर भ्रष्टाचार को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया और बताया कि भाजपा वास्तविक अर्थों में जेपी के सपनों को साकार कर रही है।

- उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बोले, अगर लोहिया और जेपी हमारे बीच होते तो अखिलेश समेत पूरी सपा को समाजवाद की कसौटी पर कसकर फैसला सुनाते लखनऊ, विशेष संवाददाता।
जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) के निर्माण में भ्रष्टाचार का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने रविवार को इस मसले पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि जेपीएनआईसी में भ्रष्टाचार के आरोपों और अव्यवस्थाओं की अनदेखी करने वाले लोग, जब हमारी सरकार उसे व्यवस्थित और सुचारु रूप से चलाने की कोशिश कर रहे हैं, तब सहयोग के बजाय बाधा डाल रहे हैं।
ब्रजेश पाठक का कड़ा वार
ब्रजेश पाठक ने रविवार को अपने एक्स हैंडल से लंबी पोस्ट लिख कर सपा और उसके समाजवाद पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि मुझे जब भी पटना प्रवास का अवसर मिलता है, लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आवास पर मैं उसी श्रद्धा और कृतज्ञता के भाव से नमन करने जाता हूं, जैसे कोई श्रद्धालु तीर्थस्थल पर जाकर अपने आराध्य के प्रति श्रद्धा अर्पित करता है। दुर्भाग्य यह है कि आज तक राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे नेता लोकनायक के गांव और घर तक जाने का समय नहीं निकाल सके। अगर आज डॉ. लोहिया और लोकनायक जय प्रकाश नारायण हमारे बीच होते, तो शायद अखिलेश यादव समेत पूरी समाजवादी पार्टी को समाजवाद की कसौटी पर परखते और अपना निर्णय सुनाते।
समाजवादी आंदोलन की विचारधारा पर हमला
अखिलेश यादव की 'नई' समाजवादी पार्टी ने लोहिया-जेपी, लोकबंधु राजनारायण, भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर और मधु लिमये जैसे समाजवादी आंदोलन के महान नायकों की विचारधारा और योगदान को जनचेतना से दूर किया है। राजनीतिक व्यक्ति का इतना आत्मकेंद्रित और आत्ममुग्ध होना लोकतांत्रिक मूल्यों और समाजवादी परंपरा, दोनों के लिए उचित नहीं है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि अब अखिलेश को लोहिया की दाम बांधो नीति याद आ रही है। जब वे स्वयं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब इस नीति को लागू करने की सुध क्यों नहीं आई? पाठक ने कहा कि समाजवाद केवल नाम में 'समाजवादी' जोड़ लेने से नहीं आता। समाजवाद विचारों, संघर्ष, त्याग, सामाजिक न्याय और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के सम्मान के प्रति प्रतिबद्धता से सिद्ध होता है।
जेपी के सपनों को बीजेपी ने साकार किया
ब्रजेश पाठक ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आचार, विचार और सामाजिक न्याय के सपनों को अगर कोई राजनीतिक पार्टी वास्तविक अर्थों में साकार कर रही है, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी है। भाजपा ने सामाजिक न्याय, समान अवसर और समतामूलक समाज की संकल्पना को केवल राजनीतिक नारे तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे धरातल पर उतारा। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की इच्छा के अनुरूप हमारी सरकार ने उनके गांव सिताब दियारा में अस्पताल बनवाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विभिन्न संबोधनों में लोकनायक जयप्रकाश नारायण और डॉ. राममनोहर लोहिया के 1942 की क्रांति में महान योगदान को देश के सामने प्रमुखता से रखा और नई पीढ़ी को उनके संघर्ष, विचार और राष्ट्रसेवा से परिचित कराया।


